विप्र ब्राह्मण सुर संत गाय गीता धेनु पृथ्वी पर जब संकट आया तो धर्म रक्षार्थ स्वयं परमात्मा को इस धरा धाम पर प्रकट होना पड़ा और धर्म की स्थापना करी पृथ्वी पर जब जब भी संकट आया है असुरों का राजा या तो धर्म की स्थापना करने भगवान ने ब्राह्मण सुर संत की रक्षा करने के लिए अवतार ग्रहण किया है वही भगवान श्री कृष्ण आज मथुरा में जन्म लेकर गोकुल में पलना झूले हैं और अपने भक्तों की रक्षा करी उक्त उद्गार श्री राम नवमी उपलक्ष एवं पावन अवसर पर ग्राम हन्नूखेड़ी में चल रही सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के दौरान कथा व्यास परम गो भक्तों संत श्री पंडित मोहित राम जी पाठक ने व्यक्त किए आगे कथा में वर्णन करते हुए कहा कि यदि हम भी और श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण करें तो भगवान हमारे घर भी कृष्ण राम के रूप में पधार सकते हैं इसलिए हमें हर क्षण भगवान का स्मरण करना चाहिए जिस तरह माता देवकी वासुदेव जी ने करुण पुकार से भगवान का स्मरण किया तो भगवान काल कोठरी में पधारे और माता पिता के दुख का हरण किया सारे बंधन खुल गए उसी प्रकार हमें भी भगवान को करुणा के साथ पुकारना चाहिए तो भगवान जीव के सारे बंधन मुक्त कर देता है और उसके हृदय द्वार में आ जाता है वह जीभ स्वयं गोकुल मथुरा
वन जाता है कथा के दौरान आज बड़े धूमधाम से भगवान श्री कृष्ण का जन्म महोत्सव मनाया गया पूरा पंडाल गोकुल मथुरा वृंदावन की तरह झूमने लगा माता बहने भाई वृन्द श्रद्धालु आनंद के साथ बधाई गीत गाने नंद घर आनंद भयो के जय जयकार लगने लगे संपूर्ण हन्नुखेड़ी ग्राम आज गोकुल मथुरा की तरह सज गया आज की कथा में बड़े ही धूमधाम से भगवान गोवर्धन गिर्राज पूजन किया आयोजन समिति आयोजन समिति ग्राम हन्नूखेड़ी ने देवनारायण धाम में चल रही कथा महोत्सव में पधार धर्म लाभ लेने का आग्रह