रायपुर। आगामी 13 दिसंबर से छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है। जानकारी के मुताबिक इस बार विधानसभा में सरकार दो नए कानून लाने वाली है। जिसमें इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति की आयुसीमा 70 वर्ष करने का कानून शामिल है। देश के दूसरी यूनिवर्सिटीज में ये प्रावधान पहले से है। इसके अलावा हुक्का बार को पूरी तरह प्रतिबंधित करने को लेकर सरकार कानून लाने वाली है।
पिछले दिनों हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा सरकार अनुपूरक बजट भी लाएगी। शीतकालीन सत्र 13 दिसंबर से 17 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान 5 बैठकें होंगी। सत्र के पहले दिन सदन के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही स्थगित की जाएगी।
समय से पहले खत्म हो सकता है सत्र
सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जिस पर तीसरे दिन चर्चा होगी। इस तरह पांच दिन का शीतकालीन सत्र एक दिन पहले ही खत्म होने के आसार हैं। नगरीय निकाय चुनाव में दोनों ही दलों के विधायक जुटे हुए हैं, इसलिए ऐसा निर्णय लिए जा सकते हैं।
मंडी विधेयक को लेकर हो सकता है हंगामा
इसके अलावा सत्र के दौरान मंडी विधेयक को लेकर भी हंगामा हो सकता है। दरअसल केंद्र की मोदी सरकार के तीन कृषि कानून पारित किए जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार पिछले शीतकालीन सत्र में कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक लेकर आई थी। इस विधेयक को राज्यपाल ने मंजूरी नहीं दी है। विधि विभाग के जरिए विधानसभा को जो जानकारी भेजी गई है, उसमें इसका उल्लेख कहीं नहीं है। इस मसले को लेकर आगामी विधानसभा सत्र में खासा असर देखने को मिल सकता है।
भूपेश सरकार ने केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ मंडी विधेयक में किसानों को ध्यान में रखकर कानून लाया था। इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन ये विधेयक अब तक राज्यपाल की मंजूरी की राह देख रहा है। हालांकि केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है।
बीजेपी ने बताया था संविधान के विपरीत
राज्य सरकार जब केंद्र के कानून का विरोध करने लगी तो भाजपा विधायकों ने भी मंडी संशोधन विधेयक को संविधान के विपरीत और केंद्रीय कानून के खिलाफ बता दिया। हालांकि सीएम भूपेश ने यह स्पष्ट कर दिया था कि राज्य सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखकर यह कानून बनाया है। इसमें केंद्र के कानून में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। संविधान में राज्य सरकार को जो अधिकार दिए गए हैं, उसी के तहत कानून बनाया गया है।
सत्र के लिए लगे 755 प्रश्न
शीतकालीन सत्र के लिए कुल 755 प्रश्न लगे हैं। धान खरीदी, लॉ एंड ऑर्डर, धर्मांतरण, कवर्धा मामला, आदिवासियों की नाराजगी, पुलिस परिवार के आंदोलन जैसे तमाम विषय हैं जिसपर विपक्ष राज्य सरकार को घेरेगी।
काम रोको प्रस्ताव लाने की तैयारी
अलग-अलग मुद्दों पर हर दिन के लिए काम रोको प्रस्ताव लाने की तैयारी है। हालांकि सदन छोड़ने के बजाय पूरे समय चर्चा में भी शामिल होंगे। सत्र छोटा होने के कारण ज्यादा से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा करने की कोशिश करेंगे।
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