एक भक्त की भक्ति का अंदाजा कोई कभी नहीं लगा सकता। भक्त का ईश्वर पर जितना सबल विश्वास होता है, उतना ही प्रबल होती है ईश्वर पर उसकी आस्था। तिरुमाला के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को एक भक्त ने सोने और हीरे से जुड़े हुए ‘वरदा-कटी हस्त’ (दस्ताने) की एक जोड़ी दान की है।

मंदिर के अधिकारी को सौंपें बेशकीमती दस्ताने

भक्त, जो कि एक जौहरी है उसने अपने परिवार के सदस्यों के संग, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी ए वेंकट धर्म रेड्डी को बेशकीमती दस्ताने सौंपें, जिनमें से एक हाथ के दस्ताने का नाम ‘कटी-हस्तम’ है और दूसरे का ‘वरदा-हस्तम’ है

Book Cabs from Bangalore to andhra pradesh tour package

मंदिर के अधिकारी ने दी जानकारी

इस बेशकीमती दान की जानकारी मंदिर के अधिकारी ने समाचार एजेंसी को दी, उन्होंने बताया कि यह धन से भरपूर मंदिर है। एक भक्त ने लगभग 5.3 किलोग्राम वजन और 3 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण पुराने पहाड़ी मंदिर के आंतरिक गर्भगृह में भगवान वेंकटेश्वर के

Tirupati Balaji temple: अयोध्या में बनेगा तिरुपति बालाजी का मंदिर, TTD ने  यूपी सरकार से मांगी 5 एकड़ जमीन - tirumala tirupati devasthanams seek five  acer land to up government for tirupati

मुख्य देवता को सुशोभित किया है।

तिरुमाला मंदिर की मान्यता और चढ़ावे

भारत में भक्ति की शक्ति हर एक मंदिर में देखने को मिलती है, लेकिन यदि देश के सबसे प्रतिष्ठित और धनवान मंदिर की बात की जाए, तो तिरुमला तिरुपति बालाजी का नाम सबसे पहले आता है। आंध्रप्रदेश में तिरुमला के पहाड़ों पर वीराजे हुए व्यंकटेश्वर स्वामी को पूरे साल चढ़ावा आता है, इसके पीछे बड़ी वजह है, कहा जाता है कि बालाजी ने पद्मावती से अपनी शादी के लिए एक भारी रकम उधार ली थी, उन्होंने कुबेर देवता से 11.4 अरब कीमत के सोने के सिक्के और एक बड़ी रकम मांगी थी और भगवान बालाजी के इस कर्ज को उतारने के लिए पूरी दुनिया से भक्तगण यहां आकर अपनी धन संपत्ति का चढ़ावा करते हैं।

रिपोर्टों की माने तो तिरुपति मंदिर में हर दिन सवा दो करोड़ का चढ़ावा दिया जाता है। बाबा के दर्शन के लिए यहां हर दिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। भक्तगण धन संपदा के साथ-साथ अपने बालों का भी दान करते हैं, बताया जाता है कि इन बालों को बेचने पर हर साल करोड़ों की कमाई होती है।