आपने ये कहावत तो सुनी ही होगी की ऊपर वाला जब देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है. पश्चिम बंगाल के एक एंबुलेंस ड्राइवर की किस्मत रातों रात बदल गयी ऊपर वाले ने सच में उसे छप्पर फाड़ कर दिया. वह एक झटके में ही करोड़पति बन गया. हम बात कर रहे हैं पूर्वी बर्धमान जिले के रहने वाले शेख हीरा की, जिसने एक सुबह उठकर लॉटरी टिकट खरीदने गया वहां जाकर उसने 270 रुपये की लॉटरी टिकट खरीदी और दोपहर तक वह करोड़पति बन गया. एंबुलेंस ड्राइवर शेख हीरा 1 करोड़ रुपये का जैकपॉट जीतने के बाद इतना अभिभूत था कि वह सलाह लेने के लिए सीधे पुलिस स्टेशन चला गया. उसके मन में लॉटरी टिकट खोने का डर भी था. आखिरकार शक्तिगढ़ पुलिस उसे सकुशल उसके घर ले गई. उनके घर पर पुलिस की टीम तैनात कर दी गई है. क्योंकि इतने पैसों पर सबकी नजरें टिकी होती हैं.
बता दें की शेख की मां को कैंसर है. और ये तो आप जानते है की कैंसर के इलाज के लिए कितने पैसों की जरूरत होती है और निम्न मध्यम वर्गीय परिवार के लिए इलाज करना संभव नहीं होता है. अब अचानक एक ही झटके में किस्मत बदलने के बाद एंबुलेंस ड्राइवर शेख हीरा को भरोसा है कि उसकी मां जल्द ही ठीक हो जाएगी. शेख ने कहा कि मैं हमेशा एक दिन जैकपॉट जीतने का सपना देखता था और टिकट खरीदता रहता था, आखिरकार अंत में लेडी लक ने साथ दे दिया.
वह पैसे का क्या करेगा?
इस सवाल का जवाब देते हुए शेख ने कहा कि वह निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखता है और उसकी वित्तीय समस्याएं हल हो गई हैं. अब उसकी मां को सबसे अच्छा इलाज मिलेगा. साथ ही अपनी मां के लिए और अपने रहने के लिए अच्छा घर भी बनाएंगे. शेख हीरा अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं सोच रहे हैं.
शेख हनीफ का कहना है की
भाग्यशाली लॉटरी टिकट बेचने वाले शेख हनीफ ने कहा, ‘मैं कई वर्षों से लॉटरी टिकट के कारोबार में हूं, बहुत से लोग मेरी दुकान से टिकट खरीदते हैं, कुछ पुरस्कार कभी-कभी मिलते हैं, लेकिन ऐसा जैकपॉट पुरस्कार मेरी दुकान से पहले कभी नहीं निकला है, आज मैं बहुत खुश हूं कि जैकपॉट विजेता ने मेरी दुकान से टिकट खरीदा.’
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
