रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि विकास के दो पैमाने होते हैं, पहला कांक्रीट और डामर का काम और दूसरा राज्य के निवासियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधा उपलब्ध करवाना है। स्वास्थ्य, शिक्षा का मूलभूत सुविधाओं में आधुनिक वृद्धि करना हमारे केन्द्र में है। हम वर्ग के लिए न्याय चाहते हैं।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, भूमिहीन मजदूर न्याय योजना के माध्यम से हम सभी वर्गों के न्याय के लिए काम कर रहे हैं। आज पूरी दुनिया में गोधन न्याय योजना की चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री ने यह सब बातें बुधवार को टीवी न्यूज चौनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम के मंच से कहीं।

52 लघु वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर शुरू की

आदिवासियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए हमने 52 लघु वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर शुरू की। साथ ही वनोपज में वैल्यू एडिशन किया। कोदो-कुटकी, रागी, राहर, मक्का और गन्ना सभी फसलों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना से जोड़ा। हम किसानों को समृद्ध करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधा और समय के साथ आने वाली समस्याओं का निदान ढूंढना सरकार की जिम्मेदारी है।

छत्तीसगढ़ को स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार तीन बार पुरस्कार मिले

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा घोषणा पत्र के अलावा भी ऐसे काम कर रही है जिससे आम आदमी के जीवन में परिर्वतन आए।स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार तीन बार पुरस्कार मिले।

केंद्र से कई बार पत्र लिखकर एथेनॉल बनाने कीनुमति

केंद्र सरकार द्वारा चावल खरीदी को लेकर सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने केंद्र से कई बार पत्र लिखकर एथेनॉल बनाने की अनुमति मांगी है, इससे तीन लाभ होंगे। किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलेगा, दूसरा एथेनॉल प्लांट से रोजगार बढ़ेंगे, तीसरा सरकार को भी ईंधन खरीदी में लाभ होगा। हम इस दिशा में प्रयोगात्मक कार्य भी कर रहे हैं, कवर्धा स्थित पुराने शक्कर मिल को और कोंडागांव में एथेनॉल प्लांट लगाया जा रहा है, जिसमें गन्ना और मक्का की पैदावार से हम एथेनॉल बनाएंगे।

राज्य के 26 लाख परिवारों को मनरेगा के तहत काम दिया

कोरोना संकट के समय कहीं भी मजदूरों को काम नहीं मिल रहा था उस वक्त हमने राज्य के 26 लाख परिवारों को मनरेगा के तहत काम दिया। आदिवासी क्षेत्रों में इमली और महुआ की खरीदी की। देशभर में 74 प्रतिशत लघु वनोपज की खरीदी इकलौते छत्तीसगढ़ ने की है। छत्तीसगढ़ में चाहे व्यापारी वर्ग है, किसान, मज़दूर समेत सभी वर्ग हमारी सरकार से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री आवास की योजना राज्य में बंद नहीं किया है।

ग्रामीण छत्तीसगढ़ को सशक्त बनाने सी- मार्ट की स्थापना

ग्रामीण छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सी-मार्ट की स्थापना कर रहे हैं,, जहां ग्रामीण स्तर पर बनने वाले हर उत्पाद की उपलब्धता होगी और एक ही छत के नीचे लोग सभी प्रकार के ग्रामीण उत्पाद खदी सकते हैं। हर ग्राम पंचायत के गौठान में स्व-सहायता समूह के लोगों, और स्थानीय कारीगरों के लिए ट्रेनिंग, रोजगार और विक्रय सुविधा मुहैया कराएंगे।