हमारे दिन की शुरुआत चाय से होती है। चाय की चुस्कियों और न्यूज पेपर के साथ ही लोग अपने दिन की शुरुआत करते हैं। आपने महंगी से महंगी चाय पी होगी, लेकिन क्या आपने 1 लाख रुपये की चाय पी है? जी हां 1 लाख की चाय। ये चाय मिलती है असम के गुवाहाटी में। यहां एक चाय की नीलामी हुई है। जिसकी हर जगह चर्चा हो रही है। दरअसल यहां एक बागान की चाय 99 हजार 999 रुपये प्रति किलोग्राम में नीलाम हुई है। इस चाय का ऑक्शन गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र में हुआ है। 1 लाख की इस चाय का नाम ‘मनोहारी गोल्ड टी’ है। जिसे चाय के थोक व्यापारी सौरभ टी ट्रेडर्स ने खरीदा है।


आपको बता दें की ये चाय पिछले साल 75 हजार रुपए प्रति किलो में बिकी थी। और अब इसने अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। असम में पैदा होने वाली मनोहरी गोल्ड चाय की एक दुर्लभ किस्म है। गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र GTS के सचिव ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि मनोहरी चाय बागान ने अपनी मनोहारी गोल्ड किस्म की चाय को 99,999 रुपये में सौरभ चाय ट्रेडर्स को बेचा है। मनोहारी गोल्ड टी चमकीले पीले रंग की चाय होती है। जिसका स्वाद बेहद अच्छा होता है। यह सेहत के लिए भी अच्छी मानी जाती है।


मनोहारी गोल्ड टी अब तक की देश में सबसे ज्यादा महगीं बिकने और खरीदी जाने वाली चाय है। मनोहरी टी एस्टेट के मालिक की मानें तो इस तरह की प्रीमियम क्वालिटी वाली स्पेशल चाय का उत्पादन डिमांड के आधार पर होता है। इसे खासतौर पर इसकी डिमांड के आधार पर तैयार किया जाता है। खास मनोहर गोल्ड टी का उत्पादन करीब 30 एकड़ के क्षेत्र में होता है।


यह चाय हर साल रिकॉर्ड बनाती है. 2017 में यह 18801 रुपये और 2018 में यह 39001 रुपये प्रति किलो में नीलाम हुई थी. वहीं, 2019 में 50,000 रुपये और 2020 में 75,000 रुपये किलो बिकी थी. डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट कहती है, पिछले कुछ सालों में बाढ़, लॉकडाउन, मानसून का सीधा असर असम की चायपत्ती की फसल पर हुआ है, जिससे चाय कारोबार जूझ रहा है। इसके बाद चाय दुनियाभर में मशहूर हो गई। सौरभ टी ट्रेडर्स के सीईओ एमएल माहेश्वरी ने बताया कि मनोहारी गोल्ड टी की मांग बहुत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि मांग अधिक और उत्पादन कम होने के कारण इसकी कीमत ज्यादा है।


बता दें की इस खास किस्म की चाय का इसका स्वाद अनोखा होता है। पर इस चाय की खास सुगंध लोगों को आकर्षित करती है। खास देखभाल की जरूरत होती है इस चाय को। मनोहारी गोल्ड टी में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीएजिंग कंपाउंड होते हैं। इसमें पाया जाने वाला बायोएक्टिव कम्पाउंड्स बुढ़ापा और मोटापा कंट्रोल करने में मददगार है। इस खास पत्ती को सूर्योदय से पहले तोड़ा जाता है। ताकि सूरज की किरणें चाय पर ना पड़ें। यह हल्के मटमैले रंग की होती है। जो कि कलियों के साथ तोड़ी जाती है। फर्मेंटेशन की प्रोसेस के बाद यह ब्राउन हो जाती है, सुखाने के बाद गोल्डन कलर की दिखाई देती हैं। मनोहारी गोल्ड एक बहुत ही खास चाय है। जिसे बनाने वाली कंपनी अलग है।
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