० मुख्यमंत्री ने कहा स्वच्छता दीदीयों के कारण तीन बार मिला राष्टीय पुरस्कार
० संगठित महिला, सहकारिता और सुदृढ़ समाज विषय पर चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महिला स्वसहायता समूहों के सम्मान आयोजित कार्यक्रम में कहा कि नगरीय निकायों में स्वच्छता दीदी के माध्यम से कोविड के समय जो सहयोग मिला और सफाई के लिए किए गए उनके कार्यों का ही प्रतिफल है कि हमे लगातार तीन बार स्वच्छता के क्षेत्र में प्रथम पुरस्कार मिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने राज्य में आदिवासी समाज मे महिलाओं को प्राथमिकता प्रदान की गई है। यहाँ महिलाएं बाजार जाती हैं। अपने निर्णय का अधिकार उन्हें पूरा है। समय के साथ महिलाओं को अधिकार मिलते गए. फिर भी आज महिलाओं को आज वो पूरा अधिकार नहीं मिल पाया है जो उन्हें मिलना चाहिए था। दूसरे शब्दों में कहूँ को आधी आबादी-पूरा हक नहीं मिल पाया है। आदिवासी समाज की बात करूँ तो आदिवासी संस्कृति में महिलाओं को हमेशा ऊपर के स्थान में रखा गया है। उन्हें अपने निर्णय करने का पूरा अधिकार है। अगर उन्हें थोड़ी शिक्षा मिल जाए और आधुनिकता आ जाए तो वे बड़े से बड़ा काम करने में समक्ष हो जाएँगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आउटलुक स्पीकआउट छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में पहुंचे। “स्पीकआउट” कार्यक्रम में संगठित महिला सहकारिता सुदृढ़ समाज विषय पर चर्चा में उन्होंने अपनी बात रख्री। उन्होंने अंबिकापुर से क्लीन सिटी फ़ेडरेशन की महिलाओं को सम्मानित किया। आयोजन के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आउटलुक को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, किसी भी युग मे जब महिला का अपमान हुआ है, तो उसका पराभव हुआ है। पूरे देश को गुलामी का दंश झेलना पड़ा है। किसी भी समाज द्वारा महिलाओं की अनदेखी की गई, उपेक्षा की गई या चारदीवारी में रखने का प्रयास हुआ है, उस समाज को पराभव का मुख देखना पड़ा। आजादी के बाद महिलाओं को सम्पत्ति का अधिकार देने की बात चली आजादी के बाद से महिलाओं को सम्मान दिलाने का दौर चला है। लगातार महिलाओं के उत्थान के प्रयास चलते गए, लेकिन छत्तीसगढ़ इस मामले में पृथक है । फिर भी महिलाओं को वो अधिकार नहीं मिल पाया जो मिलना चाहिए। उन्होंने कहा नगरीय निकायों में स्वच्छता दीदी के माध्यम से कोविड के समय जो सहयोग मिला और सफाई के लिए किए गए उनके कार्यों का ही प्रतिफल है कि हमे लगातार तीन बार स्वच्छता के क्षेत्र में प्रथम पुरस्कार मिला है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ में कल ही 15 नगरीय निकाय के परिणाम आये जिनमे 13 में हम विजयी रहे और एक मे टाई की स्थिति बनी इसके लिए मैं प्रदेश की जनता को आउटलुक के इस कार्यक्रम के माध्यम से बधाई देता हूं ।

आधी आबादी को अब तक नहीं मिला पूरा अधिकार

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने राज्य में आदिवासी समाज मे महिलाओं को प्राथमिकता प्रदान की गई है। यहाँ महिलाएं बाजार जाती हैं। अपने निर्णय का अधिकार उन्हें पूरा है। समय के साथ महिलाओं को अधिकार मिलते गए. फिर भी आज महिलाओं को आज वो पूरा अधिकार नहीं मिल पाया है जो उन्हें मिलना चाहिए था। दूसरे शब्दों में कहूँ को आधी आबादी-पूरा हक नहीं मिल पाया है। आदिवासी समाज की बात करूँ तो आदिवासी संस्कृति में महिलाओं को हमेशा ऊपर के स्थान में रखा गया है। उन्हें अपने निर्णय करने का पूरा अधिकार है। अगर उन्हें थोड़ी शिक्षा मिल जाए और आधुनिकता आ जाए तो वे बड़े से बड़ा काम करने में समक्ष हो जाएँगी।

छत्तीसगढ़ ऑर्गेनिक स्टेट बनेगा


आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ ऑर्गेनिक स्टेट बन जाये यह कहना अतिश्योक्ति नहीं है। 70 हजार बहने वर्मी और सुपर कम्पोस्ट बना रही हैं
। किसी ने सोचा था कि महिलाएं भी बिजली बेचेगी और उनके खाते में पैसे भी आएंगे। गोबर से गमले गौ काष्ठ और अब तो बिजली भी बना रहीं हैं। श्री बघेल ने कहा गायों के लिए हमारे छत्तीसगढ़ की बहनों ने काम किया। जहाँ गौठान समूह के माध्यम से गोबर खऱीदी से लेकर वर्मी कम्पोस्ट से लेकर अन्य उत्पाद बना रही हैं। उन्होंने कहा, आज डीएपी नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में उसकी पूर्ति वर्मी कम्पोस्ट के माध्यम से की जा सकती है। मुझे लगता है भविष्य में छत्तीसगढ़ ऑर्गेनिक स्टेट घोषित हो सकता है।

गोबर से अब रंग और बिजली भी बन रही


अब गोबर केवल लीपने के ही काम नहीं आएगा। कितना भी आप इटेलियन टाइल्स लगवा ले घर पर जब पूजा होता है तो गोबर से लीपकर पूजा किया जाता है । पहले पत्रकार सिर्फ नक्सली के बारे में सवाल करते थे अब वे इस पर सवाल नहीं करते, देख लीजिए 3 साल में कितना परिवर्तन आया है। आप बस्तर में डेनेक्स देख लीजिए। लघु वनोपज का वैल्यू एडिशन कर रहे, वहाँ के युवाओं को बेटियों को रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने कहा, गोबर पारम्परिक रूप से लिखने के काम आता था. अब भी विशेष अवसरों पर गोबर से लिपाई का महत्व है, लेकिन अब गोबर सिर्फ़ लिपने के काम नहीं आएगा. गोबर से अब दीवारों को रंगरोगन होगा। हमने गोबर से पेंट बनाने के लिए एमओयू किया है।