आजादी की वर्षगांठ पर हर वर्ग की चिंता को किया शामिल. आजादी की 75 वी वर्षगांठ के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरे प्रदेश के हर वर्ग की चिंता को शामिल करते हुए यह फिर एक बार कहा कि हमारे संविधान में सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, व्यक्ति की गरिमा तथा राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता का रास्ता अपनाना, तब भी हमारी जरूरत थी और आज भी हमें इसकी जरूरत है।

उन्होंने कहा कि हम संकल्प लेते हैं कि गांधी-नेहरू-अम्बेडकर के रास्ते पर, संविधान के सिद्धांतों पर चलेंगे, भले ही रास्ता कितना भी कठिन और चुनौतियों से भरा क्यों न हो। मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ मॉडल से देश में विकास की जो नई अवधारणा विकसित हो रही है, समरसता और भागीदारी के साथ विकास का जो नया वातावरण बन रहा है, उससे न सिर्फ छत्तीसगढ़ के प्रति देश का विश्वास मजबूत होगा, छत्तीसगढ़ न सिर्फ देश और दुनिया के लिए नई आशाओं का गढ़ बनेगा। छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय गौरव के केन्द्र के रूप में सम्मानित होगा। हम ऐसा ही ‘नवा छत्तीसगढ़ गढऩे को प्रतिबद्ध हैं। राज्य में भूपेश बघेल सरकार के ढाई साल से ज्यादा समय पूरा होने के बाद सरकार ने हर वर्ग से किए गए वायदे को पूरा करने का प्रयास किया है।

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने का प्रयास किया है। आत्मनिर्भर का मतलब यह है की आप अपने जीवन के फैसले खुद ले पाते है, आप अपने अनुसार अपना जीवनयापन करते है। किसानों को उनकी उपज की पूरी कीमत मिले। किसानों से संबंधित हर कार्य पर सरकार के सहयोग से उन्हें फायदा दिलाने का प्रयास किया गया। गोधन न्याय योजना से लेकर सिचाई कर माफ करने के पीछे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की यही सोच रही है।

सच ही कहा है, जीवन किसी जंग से कम नहीं है। हर रोज यहाँ हमें मानसिक व शारीरिक तनाव का सामना करना पड़ता है। हमारे सामने कई बार ऐसी बातें सामने आ जाती है, कि हमें बड़े से बड़े फैसले खुद लेने पड़ते है, वो भी कम समय पर। अगर हम स्वयं सक्षम नहीं होंगें तो हर बार हम जीवन के इन फैसलों को लेने के लिए दूसरों का दरवाजा खटखटाएंगें। जीवन में हमें दोस्त, जीवनसाथी, भाई-बहन, माँ बाप तो मिलते है, जिनसे हम जब चाहें मदद ले सकते है, वैसा ही भरोसा भूपेश बघेल की सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग को दिलाया है। आपकों स्मरण होगा कि कुछ दिन पहले शहर में कई वर्षो से जमीन पर काबिज लोगोंं ने बेदखली के विरोध में कृषि मंत्री के बंगले का घेराव किया था। भूपेश सरकार ने ऐसे लोगों के तकलीफों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत लोगों को उनकी काबिज जमीन का हक दिलाने के लिए राज्य में स्वामित्व योजना प्रारंभ किए जाने की घोषणा की है। स्थानीय लोगों को अपनी जमीन का हक दिलाने की यह एक बड़ी मिसाल है। इतना ही नहीं, अब वन अधिकार की जमीनों पर धान उपजाने या वृक्ष लगाने वाले लोगों को भी ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजनाओं और ‘मुख्यमंत्री वृ़क्षारोपण प्रोत्साहन योजना से जोड़ा गया है।

इसी प्रकार उन्होंने राज्य में राजस्व संबंधी कामकाज की जटिलता से राहत दिलाने के लिए नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को रियायती दर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए नगरीय क्षेत्रों में लागू ‘मुख्यमंत्री सस्ती दवा योजना अब ‘श्री धन्वन्तरी योजना के नाम दिया है। अब उन गरीबों को इसका लाभ मिलेगा जो महंगी दवाओं के कारण अपने इलाज का खर्च उठा नहीं पा रहे थे। स्वास्थ्य का आधारभूत ढंचा बढ़ाकर स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं में बढ़ोतरी की गई है। प्रदेश में लोगों को इंमरजेंसी के समय में सहायता उपलब्ध कराने सरकार ने राजधानी में चल रही ‘डायल 112 सेवा की उपयोगिता को देखते हुए इसका विस्तार अब पूरे प्रदेश में कर लोगों को लाभ दिलाने का प्रयास किया है। आज के समय में महिलाओं को सशक्त बनाने की बात कही जाती है। इसी कड़ी में सरकार की कुपोषण तथा एनीमिया से मुक्ति दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई। महिलाओं ने कोरोना संक्रमण के तूफान के बीच ‘मुख्यमंत्री सुपोषण योजना का दीया बुझने नहीं दिया।

अब जिला मुख्यालयों एवं नगर-निगमों में एक मिनीमाता उद्यान सिर्फ महिलाओं के लिए विकसित किया जाएगा। सरकार लोगों के कौशल को बेहत्तर बनाने परंपरागत कौशल को बढ़ावा देने में लगी है। इसी क्रम में तीन नए बोर्ड बनाए गए है। लौह शिल्पकार, चर्म शिल्पकार और तेलघानी शिल्पकार विकास बोर्ड बनेंगे। इन वर्ग के लोगों को इसके माध्यम से अपने शिल्प के विकास के लिए आवश्यक सहायता और अन्य सुविधाएं विकसित होगी।
उन्हीं संस्कारों की बदौलत हम ‘नवा छत्तीसगढ़ गढ़ रहे हैं। सत्य, अहिंसा, शांति, करुणा, संवेदनशीलता, गरीबों के आंसू पोंछना और कमजोर तबकों को शक्ति देना ही हमारी पहली प्राथमिकता है। राज्य के हर हिस्से में विकास के असंतुलन को समाप्त करने के प्रयास हो रहे हैं। छोटे जिलों से विकास कर दर को और ज्यादा आगे बढ़ाने पर बल देते हुए। चार नए जिले बनाए गए हैं। कांग्रेस सरकार आने के बाद यह पांचवां जिला भौगोलिक परस्थितियों के आधार पर बनाया गया है। लोगों की मांग भी इसके संबंध में काफी कहले से जिसे भूपेश सरकार ने पूरा किया है। पौने तीन साल के कार्यकाल में सरकार ने अपनी 36 में से 24 वायदों को पूरा कर जनता विश्वास ही नहीं जीता बल्कि उनके भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास किया है।