रायपुर। छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के अनिश्चित कालीन आंदोलन का 23वें दिन है। जहां विद्युत संविदा कर्मियों ने धरना स्थल रायपुर में अपने दो सूत्रीय मांगों को लेकर डटे हुए हैं। वे लगातार पॉवर कम्पनी के कुनीति का विरोध कर रहे हैं।
आंदोलन के 23वें दिन विद्युत संविदा कर्मियों ने भीख मांग कर संविदा जीवन के दुर्दशा एवं दयनीय स्थिति को आम जनता के बीच भीख मांग कर रखा। विद्युत संविदा कर्मी पिछले 10 मार्च से विभिन्न प्रकार के सांकेतिक गतिविधियाँ करके अपने बातों को कम्पनी प्रबंधन एवं शासन तक पहुचना चाहते हैं। किंतु अभी तक न पॉवर कम्पनी ने इनका बात सुना न ही शासन सामने आया इनके बातों को सुनने के लिए अब आगे देखना है, क्या होता है ?
विद्युत संविदा कर्मियों की दो सूत्रीय मांग
- संविदा कर्मियों को रिक्त पदों पर नियमित करें।
- विद्युत दुर्घटनाओं में शहीद संविदा कर्मियों के परिवार को अनुकम्पा नियुक्ति दिया जाए।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कम्पनी में लाइन परिचारक संविदा कर्मियों को दो साल के संविदा/परिवीक्षा अवधि पूर्ण करने पर नियमित करने का परम्परा रहा है। किन्तु राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण विद्युत संविदा कर्मियों का नियमितीकरण नहीं हो रहा है। संविदा कर्मी 2 वर्ष में नियमित हो जाने के उम्मीद से अपने जान जोखिम में डाल कर काम करने के लिए इस विभाग में आ जाते हैं। किंतु आये दिन उनके साथ विद्युत दुर्घटनाएं हो जाते हैं, जिसमें सैकड़ों लोगों के अंग भंग हो गए हैं और 25 से अधिक संविदा कर्मियों का निधन हो गया है।
इसलिए विद्युत संविदा कर्मी अपने नियमितीकरण और अनुकम्पा नियुक्ति का मांग कर रहे हैं। जिस कारण संविदा कर्मी शासन तक अपनी बातों को पहुँचाना चाहते हैं। लेकिन शासन भी आंख कान मूंदे हुए है और इधर एक तरफ विद्युत संविदा कर्मियों के जान बारी बारी से जा रहा है।
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