वोटर लिस्ट रिवीजन देशभर में होगा – यह स्पष्ट किया गया है
चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई।

कोर्ट ने नहीं लगाई रोक, दिया बड़ा संदेश

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की अपील को खारिज करते हुए कहा कि
वोटर लिस्ट में संशोधन पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं है।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आधार, राशन कार्ड और वोटर आईडी
जैसे पहचान पत्रों को मान्य माना जाए।

तीन घंटे चली सुनवाई में हुआ बड़ा खुलासा

करीब तीन घंटे तक चली सुनवाई में
चुनाव आयोग ने अदालत को जानकारी दी कि
वोटर लिस्ट रिवीजन केवल बिहार तक सीमित नहीं,
बल्कि यह प्रक्रिया देश के सभी राज्यों में लागू की जाएगी।

इस बयान ने राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता सूची सुधार के अभियान की पुष्टि कर दी है।

कोर्ट ने सभी याचिकाओं की प्रतियाँ आयोग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है
और मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को निर्धारित की गई है।

इस दौरान आयोग को विस्तृत जवाब दाखिल करने का अवसर मिलेगा।