दुर्ग में बदली व्यवस्था के साथ तेज हुआ एक्शन, अतिक्रमण हटाने में जुटा निगम
दुर्ग नगर निगम में सत्ता परिवर्तन के बाद नगर विकास की रफ्तार को गति देने के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। नई सरकार के गठन के तुरंत बाद नगर निगम की टीमों ने नगरोत्थान योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों में बाधा बन रहे अतिक्रमणों को हटाना शुरू कर दिया है।
मेयर अलका बाघमार स्वयं मैदान में उतरकर आम लोगों से संवाद कर रही हैं, और उन्हें समझा रही हैं कि अवैध कब्जे कैसे शहर के विकास में रोड़ा बनते हैं।
विकास के रास्ते में नहीं रहने दिए जाएंगे अतिक्रमण
महापौर ने निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के साथ शहीद चौक से निरीक्षण यात्रा शुरू की।
इसके पश्चात वे अग्रसेन चौक, धमधा रोड, आदित्य चौक और दीपक नगर क्षेत्र पहुँचीं,
जहाँ उन्होंने प्रस्तावित कार्य स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि
जो भी निर्माण कार्यों में बाधा बने अवैध कब्जे हों, उन्हें तत्काल हटाया जाए।
साथ ही, मेयर ने स्थानीय नागरिकों से भी मिलकर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली
ताकि विकास योजनाएं जनहित से जुड़ी हों और उनकी प्राथमिकता अनुसार आगे बढ़ें।
नगरोत्थान योजना के अंतर्गत होंगे ये बड़े कार्य
दुर्ग नगर निगम की नगरोत्थान योजना के तहत जिन प्रमुख कार्यों पर फोकस किया जा रहा है, वे हैं:
- सिकोला नाला के किनारे जल निकासी की संरचना
- स्टेशन रोड से शहीद चौक तक फोरलेन मार्ग
- राजेन्द्र चौक से आईएमए चौक तक सड़क चौड़ीकरण
- धमधा अंडरब्रिज से अग्रसेन चौक तक नई सड़क
- सेंट्रल लाइब्रेरी का निर्माण कार्य
- साइंस कॉलेज से स्टेशन रोड तक सड़क विस्तार
नागरिकों की भागीदारी और समस्या समाधान को प्राथमिकता
महापौर ने निरीक्षण के दौरान साफ शब्दों में कहा कि जनहित के कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाले अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने जलभराव से राहत के लिए नई नालियों के निर्माण और उन्हें मुख्य नालों से जोड़ने का आदेश दिया,
ताकि बरसात के मौसम में क्षेत्रवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।