CAG report government loss को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट ने कई योजनाओं की खामियां और विभागीय लापरवाहियों का पर्दाफाश किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जब यह रिपोर्ट विधानसभा में रखी, तब एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे की गिरफ्तारी की चर्चा थी। वहीं दूसरी ओर रिपोर्ट ने स्काई वॉक जैसी योजनाओं की हकीकत उजागर कर दी।
रायपुर में शुरू हुई स्काई वॉक परियोजना को बिना प्रशासनिक और तकनीकी अनुमति के आगे बढ़ाया गया। टेंडर प्रक्रिया अधूरी रही, और कार्यादेश समय से पहले जारी कर दिया गया।
डिज़ाइन में बदलाव से लागत बढ़ी और समय पर काम पूरा नहीं हो सका। अंततः योजना अधूरी रह गई, जिससे CAG report government loss की प्रमुख मिसाल बन गई।
बिजली विभाग में लापरवाही से हुआ नुकसान
CAG ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं तक ऊर्जा पहुंचाने में भारी नुकसान झेला।
वर्ष 2017-22 के बीच लगभग 9283 करोड़ यूनिट ऊर्जा नष्ट हो गई, जिससे कंपनी को 2157 करोड़ का घाटा हुआ।
खराब मीटर बदलने में देरी, गलत बिलिंग और सब्सिडी की प्रतिपूर्ति न होने से नुकसान और बढ़ गया।
कम बिलिंग से 2.65 करोड़ का अनुचित लाभ उपभोक्ताओं को मिला, जबकि कंपनी को कुल 2163 करोड़ का आर्थिक बोझ उठाना पड़ा।
कौशल विकास योजना भी लक्ष्य से दूर रही
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का लक्ष्य 1.25 करोड़ लोगों को कुशल तकनीशियन के रूप में प्रशिक्षित करना था।
लेकिन कौशल विकास प्राधिकरण 2014-23 के बीच सिर्फ 4.7 लाख युवाओं को ही प्रमाणित कर सका।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में भी केवल 48% युवा ही परीक्षा पास कर सके।
पास हुए युवाओं में से 39% को कोई नौकरी नहीं मिल सकी, जिससे रोजगार की उम्मीद अधूरी रह गई।
बजट की वापसी ने घटाया विकास
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मरम्मत व उपकरणों के लिए दिए गए 13.58 करोड़ की राशि खर्च ही नहीं की गई।
यह निधि हर साल वापिस शासन को सौंप दी गई, जिससे योजनाओं की गति प्रभावित हुई।
