थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो चुकी है क्योंकि दोनों ओर से हमले तेज हो गए हैं।
F-16 फाइटर जेट के हमले और कंबोडिया की जवाबी मिसाइलों ने सीमा क्षेत्र को युद्ध क्षेत्र में बदल दिया है।
गुरुवार सुबह शुरू हुए संघर्ष में कई लोग घायल हुए और मौतों की संख्या भी बढ़ रही है।

थाईलैंड के सुरिन प्रांत में लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं।
कंबोडिया की ओर से किए गए रॉकेट हमलों में नागरिकों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
थाई सरकार ने सीमा पूरी तरह सील कर दी है और वहां सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है।

कहा जा रहा है कि यह झड़प ता मोआन थोम मंदिर क्षेत्र से शुरू हुई, जहां दोनों देशों का अधिकार विवाद है।
दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उकसावे का आरोप लगा रहे हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
2011 में हुए इसी तरह के संघर्ष की यादें फिर से ताजा हो गई हैं, जब दर्जनों लोगों की जान गई थी।

इस बार हालात और खतरनाक नजर आ रहे हैं क्योंकि दोनों देशों ने ड्रोन और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
थाई सेना ने चेतावनी दी है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़ा जवाब देने को तैयार है।
कंबोडिया ने भी स्पष्ट किया है कि वह किसी भी सीमा उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा।

अब यह विवाद केवल सीमा तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है।
दुनियाभर के देशों की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हैं क्योंकि यह संघर्ष बड़ा रूप ले सकता है।
शांति की उम्मीदें कम होती जा रही हैं और हालात नियंत्रण से बाहर होते दिख रहे हैं।