भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज किया जब उन्होंने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। इस उड़ान के साथ राष्ट्रपति मुर्मू देश की पहली महिला राष्ट्रपति बन गईं जिन्होंने राफेल में बैठकर उड़ान भरी।

राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए अंबाला एयरबेस पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए। ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया और एयरबेस परिसर में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने एयरफोर्स के अधिकारियों से मुलाकात की और फाइटर पायलट के परिधान में राफेल के कॉकपिट में बैठकर उड़ान भरी।

भारत ने वर्ष 2016 में फ्रांस से राफेल फाइटर जेट्स खरीदने का समझौता किया था। 27 जुलाई 2020 को पहली खेप में पाँच राफेल विमान भारत पहुंचे, जिन्हें अंबाला स्थित 17वीं स्क्वॉड्रन “गोल्डन एरोज” में शामिल किया गया।
10 सितंबर 2020 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की मौजूदगी में इन विमानों का औपचारिक इंडक्शन हुआ।

राष्ट्रपति मुर्मू की यह ऐतिहासिक उड़ान न केवल भारतीय वायुसेना के गौरव को बढ़ाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं — चाहे वह देश की राजनीति हो या आसमान की ऊँचाई।

यह क्षण भारत के लिए गर्व का है, जिसने विश्व को अपनी बढ़ती रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता का मजबूत संकेत दिया है।