दिल्ली में फिर गूंजा धमाका, जांच एजेंसियों को मिला अहम सुराग

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके की जांच ने नया मोड़ ले लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, डॉक्टर उमर मोहम्मद, जो पुलवामा का निवासी था, ने फरीदाबाद में हुई NIA छापेमारी के बाद घबराहट में यह आत्मघाती विस्फोट किया।
जिस कार में धमाका हुआ, वह हुंडई i20 थी, जिसे उमर खुद चला रहा था।

IED से भरी कार में अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर का इस्तेमाल

दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, कार में लगा इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) अत्यंत शक्तिशाली था।
इसमें अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया गया था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हमला संगठित आतंकी मॉड्यूल की सोची-समझी साजिश थी।

फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा कनेक्शन — जब्त हुआ 360 किलो विस्फोटक

धमाके के पीछे का लिंक फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ता दिख रहा है, जहाँ से हाल ही में 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया गया था।
जांच में सामने आया है कि उमर उसी नेटवर्क से जुड़ा था और छापेमारी की खबर लगते ही उसने दिल्ली में धमाका करने की योजना बना ली थी।

डीएनए जांच से होगा खुलासा — क्या कार में उमर ही था?

घटनास्थल से जली हुई लाश मिलने के बाद अब दिल्ली पुलिस उसकी डीएनए जांच करवा रही है।
प्रारंभिक शंका है कि शव डॉक्टर उमर मोहम्मद का ही है।
सीसीटीवी फुटेज में भी एक मास्क पहने व्यक्ति कार चलाते हुए दिखा, जिससे संदेह और गहरा हो गया है।

राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा, एनआईए और दिल्ली पुलिस की संयुक्त जांच

विस्फोट के बाद राजधानी दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
एनआईए, स्पेशल सेल और इंटेलिजेंस ब्यूरो की संयुक्त टीमें अब इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने में जुटी हैं।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह घटना किसी बड़े आतंकी प्लान का हिस्सा हो सकती है।