अयोध्या आज एक बार फिर अध्यात्म और भावनाओं के महामिलन का केंद्र बनी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर पावन भगवा ध्वज चढ़ाया। इस ऐतिहासिक अवसर पर RSS प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे, जबकि वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर परिसर दिव्य आभा से आलोकित हो उठा।

ध्वजारोहण के लिए उपयोग किया गया भगवा ध्वज अनोखी शिल्पकला का प्रतीक है। 10 फीट ऊँचा और 20 फीट लंबा यह त्रिभुजाकार ध्वज चमकते सूर्य के प्रतीक, पवित्र ‘ॐ’ और कोविदारा वृक्ष की छवि से अलंकृत है—जो भगवान श्रीराम की मर्यादा, सामर्थ्य और तेज का द्योतक है।

मंदिर का शिखर उत्तर भारतीय नागर शैली की स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण है, जबकि परिसर के चारों ओर स्थित 800 मीटर लंबा परकोटा दक्षिण भारतीय परंपरा की सुंदरता प्रदर्शित करता है। यह अनूठा मेल देश की विविध वास्तुकला का जीवंत रूप प्रस्तुत करता है।

ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने गर्भगृह में रामलला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस पवित्र क्षण के साक्षी बने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और thousands of devotees जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को एक उत्सव का रूप दे दिया।

अयोध्या की इस अनोखी भव्यता ने देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं के हृदय में नई ऊर्जा और गर्व की भावना जगाई है।