भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी मजबूती का एक बार फिर प्रदर्शन करते हुए दूसरी तिमाही में GDP वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत दर्ज की है। सरकार द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार जुलाई–सितंबर 2025 का यह प्रदर्शन बीते छह तिमाहियों के बीच सबसे अधिक है, जो अर्थव्यवस्था में जारी सुधार और विकास की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।
पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में GDP वृद्धि 5.6% रही थी, जबकि इस वर्ष की दूसरी तिमाही में विभिन्न सेक्टर्स के बेहतर प्रदर्शन ने अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की।
📌 विनिर्माण क्षेत्र — जो GDP में लगभग 14% योगदान देता है — ने इस अवधि में 9.1% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। GST दरों में कटौती और उपभोक्ता मांग में तेजी के चलते व्यवसायों और फैक्ट्रियों ने उत्पादन में इजाफा किया।
इस सकारात्मक चित्र के बीच राजकोषीय घाटा 8.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो निर्धारित वार्षिक अनुमान का 52.6% है। सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक राजकोषीय घाटे को GDP के 4.4% तक सीमित रखने का है।
वहीं औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के आंकड़े, जो भारतीय औद्योगिक गतिविधियों की स्थिति को दर्शाते हैं, अब 1 दिसंबर 2025 शाम 4 बजे जारी किए जाएंगे। इन आंकड़ों की तिथि इसलिए आगे बढ़ाई गई है ताकि GDP के त्रैमासिक अनुमान और IIP रिपोर्ट एक साथ सार्वजनिक किए जा सकें।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि विनिर्माण और मांग में निरंतर मजबूती आने वाली तिमाहियों में भी भारत को तेज़ आर्थिक विकास के रास्ते पर बनाए रख सकती है।
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