कोलकाता में सोमवार को बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बढ़ते कार्यभार और मानसिक तनाव के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। बीएलओ का कहना है कि एसआईआर के अंतर्गत सौंपे जा रहे कार्यों और समयसीमा के दबाव ने उनके लिए हालात बेहद कठिन बना दिए हैं।

प्रदर्शन के दौरान hundreds of BLO ने चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर नारेबाज़ी की और अपनी मांगों के समर्थन में आक्रोश व्यक्त किया। बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण होता दिखा। बीएलओ ने आरोप लगाया कि लंबे समय से लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन उनकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं है।

यह विरोध ऐसे समय हो रहा है, जब देश के 12 राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया एक साथ चल रही है, जिसके कारण बीएलओ पर काम का बोझ और बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि अत्यधिक काम के भार के चलते कई बीएलओ की मौत की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसी कारण आंदोलन दिन-ब-दिन तेज़ होता जा रहा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की डेडलाइन सात दिनों के लिए बढ़ाई है। अब एसआईआर और एन्यूमरेशन की प्रक्रिया 11 दिसंबर तक जारी रहेगी। आयोग के अनुसार, मतदाता सूची का मसौदा 16 दिसंबर को और अंतिम सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी

हालात की गंभीरता को समझने के लिए यह ध्यान देना ज़रूरी है कि इस प्रक्रिया में देशभर के 5.32 लाख से अधिक बीएलओ और 12.43 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) शामिल हैं, जो 50 करोड़ से अधिक मतदाताओं से जुड़ी सूचनाओं का सत्यापन कर रहे हैं। इतने बड़े पैमाने पर चल रही प्रक्रिया के बीच बीएलओ लगातार कार्य परिस्थितियों में सुधार और मानवोचित कार्यभार की मांग कर रहे हैं।