छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर यह स्पष्ट कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता केवल वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं, बल्कि आने वाले दशकों के लिए मजबूत आर्थिक और सामाजिक नींव तैयार करना है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे विकास, वित्तीय अनुशासन और दूरदर्शी शासन का संतुलित दस्तावेज बताया, जो संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के साथ परिणाम आधारित नीति को आगे बढ़ाता है।

इस बजट का एक प्रमुख उद्देश्य उन संस्थानों को पुनर्जीवित करना है, जो पिछली व्यवस्थाओं में भारी ऋण और लंबित दायित्वों के कारण कमजोर हो गए थे। मार्कफेड और नान (NAAN) जैसे संस्थानों को संबल देकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि किसानों का हित और खाद्य सुरक्षा राज्य की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और समय पर भुगतान से जुड़े प्रावधान इस दिशा में निर्णायक कदम हैं।

अनुपूरक बजट में पूंजीगत व्यय को विकास की धुरी बनाया गया है। सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में निवेश को भविष्य की समृद्ध अर्थव्यवस्था का आधार माना गया है। आंकड़े बताते हैं कि राज्य गठन के बाद पूंजीगत व्यय में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है और वर्ष 2025-26 में यह बजट आकार के अनुपात में भी नई ऊँचाई छूने जा रहा है।

कृषि और किसान कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। कृषि उन्नति योजना, मुफ्त बिजली, बिना ब्याज ऋण, फसल बीमा और सिंचाई योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और जोखिम कम करने का प्रयास किया गया है। यह पहल न केवल कृषि को लाभकारी बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता देगी।

महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में महतारी वंदन योजना और पोषण 2.0 जैसी योजनाओं के लिए बड़ा प्रावधान सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा, मातृ-शिशु पोषण और आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत कर सामाजिक विकास को नई गति दी जा रही है।

औद्योगिक विकास, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और हवाई कनेक्टिविटी के लिए किए गए निवेश राज्य को निवेश के अनुकूल और आधुनिक अधोसंरचना से युक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। नए औद्योगिक क्षेत्र, ई-वाहन प्रोत्साहन, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और एयरपोर्ट विकास से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत यह अनुपूरक बजट केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि परिणामों पर केंद्रित शासन का प्रमाण है। शांति, सुरक्षा, विकास और सामाजिक समावेशन के समन्वय से यह बजट छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की मजबूत आधारशिला रखता है।