प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओमान दौरे का दूसरा दिन भारत-ओमान संबंधों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। मस्कट में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत ने पिछले एक दशक में केवल नीतिगत सुधार नहीं किए, बल्कि अपनी आर्थिक सोच और संरचना को भी पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने इसे भारत की वैश्विक पहचान में आया निर्णायक बदलाव बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ओमान के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने इसे 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप एक दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि इससे व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिलेगी।

भारत-ओमान बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक समुद्री संबंधों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि मांडवी और मस्कट के बीच अरब सागर ने सदियों तक व्यापार और सांस्कृतिक संवाद का मार्ग प्रशस्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि समय और परिस्थितियां बदल सकती हैं, लेकिन भारत और ओमान के बीच विश्वास और मित्रता अडिग रही है।

पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि GST के माध्यम से भारत एक एकीकृत बाजार बना, जबकि दिवालिया संहिता ने पारदर्शिता बढ़ाकर निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया। इन्हीं सुधारों का परिणाम है कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

मस्कट में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय जहां भी रहते हैं, वहां की संस्कृति और नियमों का सम्मान करते हैं। यही कारण है कि भारतीय समुदाय विश्वभर में सम्मान और विश्वास के साथ पहचाना जाता है।

प्रधानमंत्री ने दिवाली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि दिवाली का दीपक अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में आशा और सद्भाव का संदेश फैलाएगा।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने भारत की शिक्षा, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाला पहला देश है और आने वाले समय में भारत का स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन भी होगा।

कुल मिलाकर, पीएम मोदी का यह ओमान दौरा भारत-ओमान रिश्तों को आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक रूप से और मजबूत करने वाला साबित हो रहा है।