उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कोडीन कफ सिरप मामले ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। सदन में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप के कारण अब तक किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने विपक्ष पर झूठे और भ्रामक दावे फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर तथ्यों की बजाय राजनीति कर रही है।

सीएम योगी ने कहा कि इस पूरे नेटवर्क की नींव वर्ष 2016 में जारी किए गए लाइसेंस से जुड़ी हुई है, जो सपा सरकार के कार्यकाल में दिए गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि जांच में दो बड़े क्लस्टर सामने आए हैं—एक राजधानी दिल्ली से जुड़ा और दूसरा उत्तर प्रदेश में सक्रिय, जिन पर एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक इस मामले में 79 मुकदमे दर्ज, 225 लोगों को नामजद, 78 आरोपियों की गिरफ्तारी और 134 स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सपा से जुड़े युवा नेताओं के खातों में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आए हैं और दोषी पाए जाने वालों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सीएम ने संकेत दिया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर बुलडोजर एक्शन भी किया जा सकता है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष का विरोध करना स्वाभाविक है, लेकिन यह मामला केवल राजनीतिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार द्वारा लाइसेंस प्रक्रिया तय की जाती है, जबकि प्रदेश सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा है।

वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने सरकार की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके से कफ सिरप का बड़ा भंडार बरामद हुआ था और जांच एसटीएफ को सौंपी गई, लेकिन 18 महीने बीत जाने के बावजूद कोई ठोस रिपोर्ट सामने नहीं आई। उन्होंने सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवालों पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सदन को बताया कि प्रदेश की सभी स्वास्थ्य इकाइयों में नियमित जांच की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि कैंसर की पहचान के बाद मरीजों को लखनऊ कैंसर संस्थान सहित विभिन्न अस्पतालों में निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है और अब तक 1,09,450 मरीज लाभान्वित हो चुके हैं।

इसी सत्र में पेश होने वाले अनुपूरक बजट को लेकर मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रशासनिक कार्यों को ज़मीन पर उतारने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि यह बजट प्रदेश की जनता की उम्मीदों और विकास आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में अहम साबित होगा।