छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केशलपुर में हुए पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अक्षय गर्ग की हत्या ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। देर रात अज्ञात हमलावरों द्वारा किए गए सुनियोजित हमले में अक्षय गर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी गंभीर चिंता देखी जा रही है।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस जघन्य हत्याकांड की जड़ें चुनावी रंजिश से जुड़ी हो सकती हैं। जानकारी के मुताबिक, जनपद पंचायत बिंझरा चुनाव में हार के बाद अक्षय गर्ग और एक स्थानीय प्रतिद्वंद्वी के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया था। करीब एक वर्ष पहले चुनावी परिणाम को लेकर दोनों पक्षों में हाथापाई की घटना भी हुई थी। उसी समय से बदले की भावना और आपसी दुश्मनी गहराती चली गई, जो अब इस हिंसक घटना के रूप में सामने आई है।

जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग तब मिला जब घटनास्थल के आसपास एक संदिग्ध वाहन देखे जाने की पुष्टि हुई। यह वाहन मुस्ताक नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वारदात वाली रात करीब 11 बजे मुस्ताक ने अपनी गाड़ी एक निजी गैराज में खड़ी की और वहां से चला गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को जब्त कर लिया और मुस्ताक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मुस्ताक की भूमिका केवल संदिग्ध तक सीमित है या फिर वह इस हत्याकांड की साजिश में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल था। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात को अंजाम देने वाले अन्य लोग कौन थे और उनकी भूमिका क्या रही। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

कटघोरा पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। यह हत्याकांड स्थानीय राजनीति में बढ़ते तनाव और चुनावी दुश्मनी के गंभीर परिणामों की एक और चेतावनी बनकर सामने आया है।