इंडोनेशिया के उत्तरी सुलावेसी प्रांत में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब मनाडो इलाके में स्थित एक वृद्धाश्रम में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में 16 बुजुर्गों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और भय का माहौल बन गया है। घटना के समय वृद्धाश्रम में रह रहे अधिकांश बुजुर्ग गहरी नींद में थे, जिस कारण वे समय रहते बाहर नहीं निकल सके।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह वृद्धाश्रम एक एकमंजिला भवन में संचालित हो रहा था। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर उसकी चपेट में आ गया। पुलिस ने पुष्टि की है कि हादसे में 15 लोगों की मौत झुलसने से हुई, जबकि एक बुजुर्ग की मौत दम घुटने के कारण हुई है। इसके अलावा 15 अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों को आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब दो घंटे का समय लगा। इस दौरान आसपास के स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सक्रिय सहयोग किया, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी। राहत एवं बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।

पुलिस ने सोमवार को बताया कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उनके परिजनों को अस्पताल बुलाया गया है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि आग बिजली की फिटिंग में खराबी के कारण लगी हो सकती है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर वृद्धाश्रमों और देखभाल केंद्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्गों के लिए संचालित संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी है। फिलहाल, प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।