श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या में आज प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी का पर्व श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर मंदिर परिसर वैदिक मंत्रों, यज्ञ और हवन की पवित्र ध्वनि से गूंज उठा है। देशभर से आए श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव कर रहे हैं।

इस पावन दिन पर वैदिक आचार्यों द्वारा तत्त्वकलश स्थापना, अभिषेक और विशेष पूजन संपन्न कराया गया। परंपरागत विधियों के अनुसार किए जा रहे अनुष्ठानों ने अयोध्या को एक दिव्य वातावरण में परिवर्तित कर दिया है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं, जिससे दर्शन सुचारु रूप से हो सकें।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभु श्रीराम से देश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जीवन-प्रेरणा सेवा, समर्पण और करुणा के भाव को सुदृढ़ करे, जिससे आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की नींव और मजबूत हो।

धार्मिक आयोजनों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहभागिता ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया। रक्षा मंत्री ने अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण कर श्रद्धा व्यक्त की, जबकि मुख्यमंत्री योगी ने रामलला के दर्शन कर प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की।

श्रद्धालुओं का कहना है कि प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रामलला के दर्शन से उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है। अयोध्या की पावन धरती पर उमड़ा यह आस्था का सैलाब भारतीय सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत करता है।