राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के मंच से युवाओं को प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि भारत अब उस दौर में पहुंच चुका है, जहां उसकी विकास यात्रा को कोई पीछे नहीं मोड़ सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश की नींव इतनी मजबूत हो चुकी है कि निरंतर आगे बढ़ना अब स्वाभाविक प्रक्रिया बन गया है।

डोभाल ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि समय भले बदल गया हो, लेकिन निर्णय लेने की क्षमता आज भी जीवन का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने फैसलों से अपने भविष्य की दिशा तय करता है और यही सिद्धांत राष्ट्र निर्माण पर भी लागू होता है। उनका विश्वास है कि आने वाले वर्षों में भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में विश्व मंच पर स्थापित होगा।

वैश्विक राजनीति और संघर्षों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल ताकत से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और स्पष्ट सोच से सुरक्षित रहती है। डोभाल के अनुसार, जो राष्ट्र स्वयं पर भरोसा रखते हैं, वही लंबे समय तक स्वतंत्र और प्रभावशाली बने रहते हैं।

इतिहास के पन्नों को पलटते हुए NSA डोभाल ने बताया कि भारत कभी विश्व अर्थव्यवस्था का केंद्र हुआ करता था। उन्होंने कहा कि उन्नति और पतन का चक्र चलता रहता है, इसलिए राष्ट्रवाद को मजबूत बनाए रखने के लिए सतत प्रयास आवश्यक हैं। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें हर पीढ़ी की भागीदारी जरूरी होती है।

अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में अजीत डोभाल ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को याद करते हुए कहा कि आज का भारत अनगिनत त्याग और बलिदान की देन है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे मूल्यों, आत्मसम्मान और राष्ट्रीय चेतना के साथ एक सशक्त भारत के निर्माण में योगदान दें।