भारत और जर्मनी के रिश्तों को नई मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच अहमदाबाद में उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई। प्रधानमंत्री के आमंत्रण पर चांसलर मर्ज 12 से 13 जनवरी 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह उनका भारत का पहला आधिकारिक दौरा है, जिसे दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी प्राकृतिक साझेदार और भरोसेमंद सहयोगी हैं। उन्होंने इस तथ्य को रेखांकित किया कि आज भारत में 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं, जो भारतीय बाजार में जर्मनी के मजबूत विश्वास और दीर्घकालिक निवेश को दर्शाता है।

गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित बैठक के दौरान व्यापार, तकनीकी सहयोग, हरित ऊर्जा, स्टार्टअप्स और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान भी किया गया, जिससे आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने इंडिया-जर्मनी सीईओ फोरम में भाग लिया और दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। इस मंच पर निवेश और औद्योगिक साझेदारी को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

इसके साथ ही दोनों नेता एक साथ साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में शिरकत की। इस आयोजन के जरिए भारत की सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक मित्रता का संदेश दुनिया को दिया गया।