केंद्रीय बजट 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। पहली बार ऐसा होगा जब आम बजट रविवार के दिन संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद के पटल पर बजट पेश करेंगी। आमतौर पर सप्ताहांत पर संसद की कार्यवाही नहीं होती, ऐसे में यह फैसला अपने आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
यह बजट वित्त वर्ष 2025-26 के लिए होगा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यकाल में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह उनका लगातार नौवां केंद्रीय बजट होगा। इसके साथ ही वह देश के पूर्व प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी। मोरारजी देसाई ने अपने कार्यकाल में कुल 10 बजट पेश किए थे, जबकि सीतारमण अब उस रिकॉर्ड से सिर्फ एक बजट दूर हैं।
28 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से आरंभ होगा। पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के केंद्रीय कक्ष में लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। इसके बाद सरकार द्वारा संसद के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जिसमें देश की आर्थिक स्थिति, विकास दर और चुनौतियों का विस्तृत आकलन होगा।
दो चरणों में चलेगा सत्र
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा और इसे दो चरणों में बांटा गया है।
पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी
अंतराल: 13 फरवरी से 9 मार्च तक, इस दौरान संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों और मंत्रालयों की अनुदान मांगों की समीक्षा करेंगी
दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल
सरकार ने 1 फरवरी को आधिकारिक रूप से ‘बजट डे’ घोषित किया है। रविवार को पेश होने वाला यह बजट न सिर्फ आर्थिक नीतियों, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उद्योग जगत, निवेशकों और आम नागरिकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह बजट विकास, रोजगार और महंगाई को लेकर क्या नई दिशा तय करता है।
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
