परीक्षा पे चर्चा 2026 का दूसरा सत्र 9 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे लाइव प्रसारण के साथ आयोजित हुआ और अब यह सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए परीक्षा, करियर और जीवन से जुड़े अहम गुर साझा किए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के छात्र केवल परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर रहे, बल्कि 2047 के विकसित भारत की नींव भी रख रहे हैं। उन्होंने छात्रों को सीखने की प्रक्रिया को एक सतत आदत के रूप में अपनाने की सलाह दी।
प्रेरणा के साथ अनुशासन क्यों जरूरी?
पीएम मोदी ने छात्रों को समझाते हुए कहा कि केवल प्रेरणा काफी नहीं होती।
उन्होंने कहा, “अनुशासन प्रेरणा को दिशा देता है। अगर अनुशासन नहीं है, तो प्रेरणा भी निराशा में बदल सकती है।”
उनके इस संदेश ने छात्रों को आत्मनियंत्रण और समय प्रबंधन की अहमियत समझाई।
परीक्षा पे चर्चा: प्रतियोगिता नहीं, संवाद
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि परीक्षा पे चर्चा कोई प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां छात्र बिना दबाव अपनी बात रख सकते हैं। यह कार्यक्रम परीक्षा तनाव को कम करने और मानसिक मजबूती बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है।
देश के अलग-अलग राज्यों के छात्रों से बातचीत
एपिसोड-2 में तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, गुजरात और असम के छात्रों ने प्रधानमंत्री से सीधे संवाद किया। छात्रों ने अपनी चुनौतियां साझा कीं और पीएम मोदी ने आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और संतुलित तैयारी के सूत्र बताए।
रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन ने बनाया इतिहास
इस वर्ष परीक्षा पे चर्चा 2026 ने लोकप्रियता के नए कीर्तिमान स्थापित किए।4.5 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन
4.19 करोड़ छात्र
24.84 लाख शिक्षक
6.15 लाख अभिभावक
इतनी बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि यह पहल छात्रों के बीच परीक्षा तनाव कम करने में कितनी प्रभावी बन चुकी है।
