राजस्थान के जैसलमेर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर एलसीएच ‘प्रचंड’ में सह-पायलट के रूप में उड़ान भरी। यह घटना रक्षा क्षेत्र में सर्वोच्च संवैधानिक पद की सक्रिय भागीदारी के रूप में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

उड़ान जैसलमेर स्थित वायुसेना स्टेशन से प्रारंभ हुई और लगभग 25 मिनट तक चली। इस दौरान हेलीकॉप्टर ने पोखरण फायरिंग रेंज के ऊपर से उड़ान भरी, जहां ‘वायु शक्ति’ नामक अग्नि शक्ति प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रपति इस संयुक्त युद्धाभ्यास का दिन और रात्रि चरण में अवलोकन करेंगी।

एलसीएच ‘प्रचंड’ भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने निर्मित किया है। यह उन्नत एवियोनिक्स, नाइट-अटैक क्षमता, एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिसाइलों तथा 20 मिमी गन से लैस है।

राष्ट्रपति मुर्मू इससे पूर्व राफेल और सुखोई-30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमानों में भी उड़ान भर चुकी हैं, जिससे सशस्त्र बलों के साथ उनके प्रत्यक्ष संवाद और सहभागिता का क्रम निरंतर जारी है।