छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बालको क्षेत्र में जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की समस्याओं को लेकर ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन का आयोजन किया। इस आंदोलन के जरिए उन्होंने मजदूरों की मांगों और उनकी परेशानियों को प्रमुखता से उठाने की कोशिश की।
बालको परसाभाटा में गेट के सामने टेंट लगाकर अमित जोगी ने मजदूरों की समस्याओं पर चर्चा की और वहां मौजूद लोगों के साथ प्रबंधन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए आगे बढ़ने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने उन्हें गेट की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिसके कारण कुछ समय तक हल्की झड़प जैसी स्थिति भी बनी रही।
मीडिया से बातचीत में अमित जोगी ने कहा कि यह आंदोलन उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी द्वारा वर्ष 2004 में बालको में किए गए आंदोलन से प्रेरित है। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने मजदूरों के हक के लिए आवाज उठाई है। उनका कहना है कि इस आंदोलन के परिणामस्वरूप प्रबंधन ने उनकी तीन प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है।
अमित जोगी ने यह भी दावा किया कि मजदूरों को आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए दबाव बनाया गया और चेतावनी दी गई कि आंदोलन में भाग लेने पर उन्हें काम और अन्य सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है। इसके बावजूद उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही।
हालांकि आंदोलन कुछ ही घंटों में समाप्त हो गया, लेकिन इसे लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं। जहां कुछ लोगों ने इसे मजदूरों के हित में उठाया गया कदम बताया, वहीं कुछ लोग बालको प्रबंधन के पक्ष में भी नजर आए। फिलहाल यह आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया और स्थानीय स्तर पर इसकी चर्चा जारी है।
