रायपुर में आयोजित एक अहम मुलाकात के दौरान रक्षा महाविद्यालय (NDC), नई दिल्ली के अध्ययन दल ने राज्यपाल श्री रमेन डेका से शिष्टाचार भेंट की। यह दौरा “नेशनल सिक्योरिटी एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज” के तहत आयोजित Understanding India Study Tour (UIST) का हिस्सा था, जिसमें 16 सदस्यीय टीम ने 15 से 20 मार्च तक छत्तीसगढ़ का भ्रमण किया।

छत्तीसगढ़ की खूबसूरती और विरासत पर चर्चा

राज्यपाल रमेन डेका ने अध्ययन दल को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध संस्कृति, कला और परंपराओं के लिए जाना जाता है। उन्होंने दल के सदस्यों को राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन संभावनाओं से अवगत कराया और उन्हें अपने अनुभव दूसरों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया।

प्रमुख पर्यटन स्थलों का अनुभव

अध्ययन दल ने अपने दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया, जिनमें बारनवापारा अभ्यारण्य, ट्राइबल म्यूजियम, पुरखैती मुक्तांगन, बस्तर के जलप्रपात और कोण्डागांव का शिल्पग्राम प्रमुख हैं। इन स्थलों ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक समृद्धि को उजागर किया।

कला और प्रतिभा की पहचान

राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कलाओं—जैसे ढोकरा आर्ट, वुडन आर्ट और बैम्बू आर्ट—का विशेष उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य के युवा वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं, खासकर आईटी क्षेत्र में।

वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़

अमेरिका में बसे छत्तीसगढ़ के लोगों द्वारा संचालित NACHA संस्था के जरिए विदेशों में भी राज्य की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां आयोजित स्वदेशी मेले में छत्तीसगढ़ की कला और परंपराओं को प्रदर्शित किया जाता है।

विकास योजनाओं पर भी हुई चर्चा

इस दौरान राज्यपाल ने ऊर्जा, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

अध्ययन दल की प्रतिक्रिया

दल के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ के आतिथ्य, संस्कृति और सरलता की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यहां के लोग बेहद आत्मीय और सहयोगी हैं, जिससे उनका अनुभव यादगार बन गया।

निष्कर्ष

यह मुलाकात छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन संभावनाओं और विकास की दिशा को दर्शाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।