छत्तीसगढ़ के नवीनतम आर्थिक सर्वेक्षण ने राज्य की जनसांख्यिकीय संरचना में हो रहे बदलावों को रेखांकित किया है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 में 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की आबादी बढ़कर 10.5 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले दशक की तुलना में स्पष्ट वृद्धि दर्शाती है।

जनसांख्यिकीय संकेतक
यह वृद्धि जीवन प्रत्याशा में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को दर्शाती है। हालांकि, यह परिवर्तन राज्य की नीति निर्माण प्रक्रिया के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक भी है, क्योंकि इससे सामाजिक और आर्थिक दायित्व बढ़ते हैं।

निर्भरता अनुपात में वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 में वृद्ध निर्भरता अनुपात 138 था, जो 2026 में बढ़कर 157 हो गया है। इसका अर्थ है कि कार्यशील आबादी पर आश्रित वृद्धजनों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे आर्थिक दबाव की संभावना बढ़ती है।

युवा और किशोर आबादी की स्थिति
राज्य में युवाओं और किशोरों की संख्या अभी भी महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 में किशोर आबादी 17.49 प्रतिशत और युवा वर्ग 26.24 प्रतिशत अनुमानित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य की जनसंख्या संरचना मिश्रित स्वरूप की ओर बढ़ रही है।

नीतिगत आवश्यकताएं
रिपोर्ट में सरकार को सुझाव दिया गया है कि वृद्धजनों के लिए जेरियाट्रिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करना और पुनर्वास सेवाओं को सुदृढ़ करना आवश्यक होगा। इसके साथ ही वृद्ध-अनुकूल बुनियादी ढांचे के विकास पर भी ध्यान देना होगा।