रायपुर विदेशी मुद्रा ठग मामले में तेज हुई पुलिस कार्रवाई
रायपुर में विदेशी मुद्रा के नाम पर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में गिरोह के सक्रिय सदस्य अमन शर्मा को पश्चिम बंगाल के 24 परगना से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और देश के कई राज्यों में ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
रायपुर विदेशी मुद्रा ठग का नया तरीका: होटल बुकिंग के नाम पर जाल
मामले की शुरुआत तब हुई जब गुरुनानक नगर निवासी ट्रैवल कारोबारी हरदीप सिंह होरा ने शिकायत दर्ज कराई। आरोपी ने खुद को हर्षित अग्रवाल बताकर विदेशी होटल बुकिंग का झांसा दिया। इसके बाद विदेशी मुद्रा एक्सचेंज के नाम पर उन्हें तेलीबांधा स्थित एक को-वर्किंग स्पेस में बुलाया और बातचीत में उलझाकर 18,000 अमेरिकी डॉलर और 2,000 ब्रिटिश पाउंड लेकर फरार हो गया। इस रकम की भारतीय कीमत करीब 19.47 लाख रुपये बताई गई है।
रायपुर विदेशी मुद्रा ठग नेटवर्क का खुलासा, पहले गिरफ्तारी से मिला सुराग
इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। उनसे पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी सामने आई, जिसके आधार पर अमन शर्मा की तलाश शुरू की गई। तकनीकी जांच के जरिए उसकी लोकेशन पश्चिम बंगाल के 24 परगना में ट्रेस हुई, जहां से पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर रायपुर लाया।
रायपुर विदेशी मुद्रा ठग गिरोह का देशभर में जाल, 22 केस दर्ज
पूछताछ में आरोपी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह ने देश के कई राज्यों में इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया है। महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कुल 22 मामले सामने आए हैं। अब तक करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हो चुका है।
रायपुर विदेशी मुद्रा ठग केस में जांच जारी, डिजिटल सबूत अहम
पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें गिरोह से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। तेलीबांधा थाना में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।
