असम विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी का बहुप्रतीक्षित घोषणापत्र जारी करते हुए चुनावी मुकाबले को नई दिशा दे दी है। इस घोषणापत्र में राज्य के समग्र विकास के लिए 11 प्रमुख क्षेत्रों को केंद्र में रखा गया है।

यह घोषणापत्र एक जनसभा के दौरान जारी किया गया, जहां असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। पार्टी ने शासन, स्वास्थ्य, पहचान, बुनियादी ढांचा, कृषि, औद्योगिक विकास और पर्यावरण जैसे अहम मुद्दों को प्राथमिकता दी है।

‘पांच गारंटी’ से साधा जनसमर्थन

कांग्रेस ने अपने चुनावी वादों में आम जनता को सीधे लाभ पहुंचाने वाले कई बड़े ऐलान किए हैं। महिलाओं को 50 हजार रुपये तक का बिना शर्त कर्ज, बुजुर्गों को 1250 रुपये मासिक पेंशन और 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देने का वादा प्रमुख है। इसके साथ ही भूमि अधिकार और न्याय से जुड़े मुद्दों को भी घोषणापत्र में शामिल किया गया है।

राहुल गांधी का राजनीतिक संदेश

रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि असम विविधताओं से भरा राज्य है और यहां हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य जनता को सशक्त बनाना है, जबकि विरोधी दल केंद्रीकरण की राजनीति करते हैं।

बीजेपी और सरकार पर तीखा हमला

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर निशाना साधते हुए राज्य में भ्रष्टाचार और सत्ता के केंद्रीकरण के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सत्ता परिवर्तन के बाद सभी मामलों की जांच होगी।

चुनाव की तारीखें तय

126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि 4 मई को मतगणना के साथ नतीजे घोषित किए जाएंगे। ऐसे में कांग्रेस का यह घोषणापत्र चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बनकर उभरा है।