सिंचाई मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा – सर्वे और लिफ्ट एरिगेशन के काम में लाएं।
छत्तीसगढ़ में सिंचाई परियोजनाओं व जलाशयों को आपस में या नदियों से इंटरलिंक कर सिंचाई के रकबे में वृद्धि की जा सकती है। सिंचाई मंत्री चौबे ने इसके लिए अधिकारियों को सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। बजट के नए मद में शामिल लिफ्ट एरिगेशन के काम पर तेजी से अमल सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित करने और भ्रमण-अध्ययन कर प्रोजेक्ट तैयार कराने के निर्देश दिए।
राज्य के अल्पवर्षा वाले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए बांधों से की जा रही जल आपूर्ति जारी रहेगी। सिंचाई मंत्री रविंद्र चौबे ने विभागीय अधिकारियों को सिंचाई के लिए बांधों व जलाशयों से यथासंभव जलापूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए जलापूर्ति व सिंचाई परियोजना के निर्माण की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में अफसरों ने बताया कि अब तक लगभग 10 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जलापूर्ति की जा चुकी है। मंत्री रविंद्र चौबे ने अधिकारियों को बजट में शामिल सिंचाई परियोजनाओं विशेषकर लिफ्ट एरिगेशन व इंटर लिंकिंग प्रोजेक्ट के कामों को तेजी से अमल में लाए जाने के निर्देश दिए। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर जिले में मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सिंचाई के उपयुक्त साईट पर माईनर प्रोजेक्ट के निर्माण के प्रस्ताव को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली और इसकी प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कर तेजी से काम शुरू कराने के निर्देश दिए।
15 दिन में मांगा प्रस्ताव
विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने लिफ्ट एरिगेशन प्रोजेक्ट के बाकी बचे प्रस्ताव को शीघ्र जमा कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने राज्य के प्रत्येक कार्यपालन अभियंता के अंतर्गत कम से कम लिफ्ट एरिगेशन के निर्माण का एक प्रस्ताव 15 दिवस के भीतर तैयार कर भिजवाने को कहा। ज्ञात हो कि वर्ष 2020-21 के नवीन मद में 14 और वर्ष 2021-22 में 29 लिफ्ट एरिगेशन प्रोजेक्ट शामिल हैं।
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
