सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना के बाद राज्य प्रशासन ने विस्तृत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर द्वारा मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए गए हैं, जिसके तहत एसडीएम डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

यह जांच 30 दिनों की निर्धारित समयसीमा में पूर्ण की जाएगी। प्रशासन द्वारा जांच के लिए आठ प्रमुख बिंदु तय किए गए हैं, जिनमें घटना के समय और परिस्थितियों का विश्लेषण, प्रभावित श्रमिकों की पहचान, तकनीकी या मानवीय कारणों का निर्धारण तथा जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान शामिल है।

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 14 अप्रैल को बॉयलर यूनिट में स्टीम पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना हुई। इस घटना में 34 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें 12 की मृत्यु हो गई है, जबकि अन्य का उपचार विभिन्न अस्पतालों में जारी है।

जांच में औद्योगिक सुरक्षा मानकों के अनुपालन, पूर्व निरीक्षणों की स्थिति और संभावित लापरवाही की भी समीक्षा की जाएगी। इसके अतिरिक्त भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी और औद्योगिक सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाएगा।