छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित जन आक्रोश पदयात्रा ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली, जिसने इसे एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया।

यह यात्रा शहर के इनडोर स्टेडियम से प्रारंभ होकर सुभाष स्टेडियम तक पहुंची, जहां सभा का आयोजन किया गया। रास्ते भर महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए विपक्षी दलों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और प्रतीकात्मक रूप से पुतला दहन किया। इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बना दिया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि इस कानून के जरिए लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरन सिंह देव ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करने वाले दल अब इस महत्वपूर्ण कानून का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के प्रति दोहरी मानसिकता बताया।

वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव और अन्य नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट है और इस दिशा में निरंतर कार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर सोचने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का संचालन महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने किया। इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और समाज की महिलाओं की भागीदारी ने इसे एक प्रभावशाली जनआंदोलन का रूप दे दिया।