रायपुर नगर निगम क्षेत्र में संचालित नो प्लास्टिक अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण और व्यवहार परिवर्तन को केंद्र में रखते हुए बहुआयामी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में अभियान की ब्रांड एंबेसडर श्रीमती शुभांगी आप्टे ने राज्यपाल श्री रमेन डेका से भेंट कर कार्यक्रम की प्रगति, प्रभाव और भविष्य की दिशा पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
अभियान के प्रमुख घटकों में प्लास्टिक के विकल्प के रूप में कपड़े की थैलियों का वितरण शामिल है। अब तक 55 हजार से अधिक थैलियां विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर वितरित की जा चुकी हैं। यह पहल न केवल प्लास्टिक उपयोग को कम करने की दिशा में कार्यरत है, बल्कि नागरिकों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना को भी सुदृढ़ कर रही है।
इस अभियान की विशेषता इसका समावेशी दृष्टिकोण है। दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल लिपि में छह पुस्तकों का प्रकाशन कर सूचना तक पहुंच सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में जच्चा-बच्चा किट वितरण के माध्यम से सामाजिक कल्याण को भी जोड़ा गया है।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को एकीकृत करने के उद्देश्य से यह अभियान नगर निगम के स्वच्छता कार्यक्रमों के साथ समन्वित रूप से संचालित हो रहा है। इससे शहरी प्रबंधन में समग्र सुधार की संभावना उत्पन्न होती है।
राज्यपाल द्वारा इस पहल की सराहना करते हुए जनसहभागिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया। यह पहल स्थानीय प्रशासन, नागरिक समाज और व्यक्तिगत प्रयासों के समन्वय का एक उदाहरण प्रस्तुत करती है, जो दीर्घकालिक पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक हो सकती है।
