छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही खबरों पर सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए इन्हें पूरी तरह अफवाह बताया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार राज्य में ईंधन की आपूर्ति सामान्य है और पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और अनावश्यक घबराहट में ईंधन की खरीदारी से बचें। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति लगातार बनी हुई है और इसकी नियमित निगरानी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 2500 से अधिक पेट्रोल पंप और प्रमुख ऑयल कंपनियों के डिपो पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है। मार्च महीने में पेट्रोल की मांग के मुकाबले 126 प्रतिशत और डीजल की 183 प्रतिशत आपूर्ति दर्ज की गई थी, जबकि अप्रैल में भी मांग के अनुरूप सप्लाई जारी है।
विभाग के अनुसार राज्य में करीब 22 दिनों की जरूरत के बराबर पेट्रोल और 15 दिनों की खपत के लिए डीजल का भंडारण मौजूद है। ऐसे में किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
सरकार ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में बने हालात को देखते हुए केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो।
जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए जिलों में लगातार छापेमारी और निरीक्षण किए जा रहे हैं। साथ ही राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं और शिकायतों के समाधान के लिए कॉल सेंटर भी संचालित किया जा रहा है।
हाल ही में ऑयल कंपनियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि कुछ औद्योगिक उपभोक्ता रिटेल आउटलेट से डीजल खरीद रहे हैं, जिससे अस्थायी दबाव बन रहा है। इस पर कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करें।
सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि प्रदेश में ईंधन संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है और आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
