तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों ने राज्य की पारंपरिक राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी TVK ने अप्रत्याशित बढ़त हासिल करते हुए DMK और AIADMK जैसे स्थापित दलों को कड़ी चुनौती दी है। ताजा रुझानों के अनुसार TVK 100 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि राज्य में बदलाव की लहर मजबूत हो चुकी है।
करीब 49 वर्षों से तमिलनाडु की सत्ता द्रविड़ दलों—DMK और AIADMK—के बीच घूमती रही है, लेकिन इस बार मुकाबला पूरी तरह अलग नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री M. K. Stalin के नेतृत्व वाली DMK को सत्ता विरोधी माहौल का सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा फायदा TVK को मिलता दिख रहा है। खास बात यह है कि युवा और महिला मतदाताओं ने इस बार बड़े पैमाने पर बदलाव के पक्ष में मतदान किया है।
हालांकि, चुनावी गणित अभी भी दिलचस्प बना हुआ है। राज्य में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का आंकड़ा जरूरी है, जबकि TVK फिलहाल इस जादुई संख्या से कुछ दूर नजर आ रही है। ऐसे में अगर त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनती है, तो AIADMK के साथ संभावित गठजोड़ की अटकलें तेज हो सकती हैं। चुनाव प्रचार के दौरान विजय का AIADMK के प्रति नरम रुख इस संभावना को और मजबूत करता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में केवल सत्ता विरोधी लहर ही नहीं, बल्कि परिवारवाद और पारंपरिक राजनीति के खिलाफ जनता की नाराजगी भी बड़ा मुद्दा रही है। पहली बार वोट देने वाले युवाओं और बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं ने TVK को समर्थन देकर राज्य की राजनीति में नई दिशा का संकेत दिया है।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु का यह चुनाव परिणाम केवल सरकार के गठन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य में एक नई राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत का संकेत दे रहा है, जहां पुराने समीकरण टूट रहे हैं और नई ताकतें उभर रही हैं।
