कोरबा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा संचालित ‘युविका – युवा विज्ञानी कार्यक्रम’ में कोरबा जिले के छात्र सार्थक तंवर का चयन विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखा जा रहा है। यह चयन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि ग्रामीण एवं आवासीय विद्यालयों में विज्ञान-आधारित शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन को भी दर्शाता है।

सार्थक तंवर, पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरी कला के छात्र हैं, जिन्होंने कक्षा 9वीं के दौरान इस कार्यक्रम के लिए तैयारी प्रारंभ की थी। युविका कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि विकसित करना तथा उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

यह कार्यक्रम देशभर के चयनित विद्यार्थियों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिसमें अंतरिक्ष अनुसंधान की मूल अवधारणाओं से लेकर उन्नत तकनीकी पहलुओं तक की जानकारी दी जाती है। इस प्रकार यह कार्यक्रम भविष्य के वैज्ञानिकों के निर्माण की दिशा में एक संरचित पहल के रूप में कार्य करता है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से, जिला कलेक्टर द्वारा छात्र को सम्मानित किया जाना स्थानीय स्तर पर प्रतिभा प्रोत्साहन की प्रक्रिया को सुदृढ़ करता है। यह कदम अन्य विद्यार्थियों को भी उच्च स्तर के शैक्षणिक अवसरों के प्रति जागरूक करता है।

सार्थक का चयन हरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में 10 से 22 मई 2026 के बीच आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए किया गया है। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को अंतरिक्ष अनुसंधान के वास्तविक वातावरण से परिचित कराता है।

विद्यालय स्तर पर भी इस उपलब्धि को संस्थागत प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है। प्राचार्य एवं शिक्षकों द्वारा छात्र को सम्मानित किया जाना शैक्षणिक प्रेरणा का महत्वपूर्ण माध्यम है।

समग्र रूप से यह उपलब्धि इस तथ्य को रेखांकित करती है कि लक्षित शैक्षणिक कार्यक्रमों एवं मार्गदर्शन के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं।