राज्य सरकार द्वारा जनजातीय एवं अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मैदानी मॉनिटरिंग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को 8 नए विभागीय वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। मंत्री श्री रामविचार नेताम ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विभागीय स्तर पर इसे योजनाओं की पहुंच और निरीक्षण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में योजनाओं के संचालन के दौरान परिवहन संसाधनों की कमी लंबे समय से प्रशासनिक चुनौती रही है। कई बार अधिकारियों और मैदानी अमले को नियमित निरीक्षण तथा हितग्राहियों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई वाहन सुविधा उपलब्ध होने से जिला और विकासखंड स्तर पर निगरानी तंत्र को अधिक सक्रिय बनाने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि शासन का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मैदानी स्तर पर निरंतर निगरानी आवश्यक है। वाहन उपलब्ध होने से विभागीय अधिकारी नियमित निरीक्षण और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का बेहतर मूल्यांकन कर सकेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और वन क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच मजबूत करने के लिए अधोसंरचनात्मक सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान दे रही है। विभागीय कार्यों की दक्षता बढ़ाने के लिए भविष्य में अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास जारी रहेंगे।

मंत्री श्री नेताम ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के समन्वय और पहल का उल्लेख किया। उनके अनुसार वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त कर वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे योजनाओं के संचालन में व्यावहारिक सुविधा मिलेगी।

विश्लेषकों का मानना है कि प्रशासनिक संसाधनों की उपलब्धता से मैदानी स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी हो सकती है। विशेष रूप से जनजातीय बहुल क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और प्रत्यक्ष संपर्क व्यवस्था योजनाओं की पारदर्शिता और क्रियान्वयन क्षमता को मजबूत करने में सहायक होगी।

कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।