राज्यसभा चुनाव

देशभर में राजनीतिक हलचल के बीच राज्यसभा चुनाव की तारीखों का आधिकारिक एलान कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि 10 राज्यों की 24 सीटों पर 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा। इसके बाद संबंधित राज्यों में राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति पर काम तेज कर दिया है।

दरअसल, राज्यसभा के कई सांसद आगामी महीनों में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इसलिए नई सीटों के लिए यह राज्यसभा चुनाव कराया जा रहा है। खासतौर पर संसद में संख्या संतुलन को देखते हुए इस चुनाव को बेहद अहम माना जा रहा है।

किन राज्यों में कितनी सीटों पर होगा चुनाव

आयोग के अनुसार आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में सबसे ज्यादा चार-चार सीटों पर मतदान होगा। वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों पर चुनाव संपन्न कराया जाएगा।

इसके अलावा झारखंड में दो सीटों पर वोटिंग होगी। इसी बीच मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट पर राज्यसभा चुनाव होगा। कुल मिलाकर 10 राज्यों की 24 सीटों पर राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है।

1 जून से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 1 जून को अधिसूचना जारी की जाएगी। उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। वहीं 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। हालांकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।

इसके बाद 18 जून को मतदान कराया जाएगा। नतीजतन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा तेज कर दी है।

बड़े नेताओं की सीटें होंगी खाली

इस बार के राज्यसभा चुनाव में कई वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, Digvijaya Singh और पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda समेत कई दिग्गज नेता सेवानिवृत्त होंगे।

वहीं दूसरी ओर राजस्थान से राजेंद्र गहलोत, नीरज डांगी और रवनीत सिंह की सीटें भी खाली होने जा रही हैं। इसलिए इस राज्यसभा चुनाव के परिणाम भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।

मतदान प्रक्रिया को लेकर आयोग के निर्देश

चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान केवल बैंगनी रंग के विशेष स्केच पेन का उपयोग किया जाएगा, जिसे रिटर्निंग ऑफिसर उपलब्ध कराएंगे।

साथ ही किसी अन्य पेन के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। कुल मिलाकर आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति का भी फैसला लिया है।

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