मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का किसानों के हित में बड़ा ऐलान

9 हजार प्रति एकड़ देने की घोषणा

राज्य के कई क्षेत्रों में अल्पवृष्टि और अनावृष्टि के चलते सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। छत्तीसगढ़ की सरकार ने विपदा की हर घड़ी में किसानों को सहायता देने की घोषणा की है। जिन किसानों ने अभी खरीफ सीजन में धान, कोदो-कुटकी, अरहर की बुवाई की है, यदि वर्षा के अभाव में उनकी फसल खराब हो जाती है। चाहे उत्पादन हो या न हो, उन्हें सरकार प्रति एकड़ 9000 रुपये की सहायता देगी । राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत सूखा प्रभावित किसानों को भी गिरदावरी सर्वे के आधार पर प्रति एकड़ 9000 रुपये की मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इस घोषणा से अल्प वर्षा से प्रभावित 13 जिलों किसानों को इसका लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य में मानसून सक्रिय होने के बाद प्रदेश में 1 जून से अब तक औसत वर्षा उतनी नहीं हो पाई जितनी होनी चाहिए थी।

राजस्व विभाग करा रहा सर्वे

राजस्व विभाग ने सभी जिलों में सर्वे करा रहा है इनमें कितनी तहसील ऐसी है जहां पर कम बारिश हुई और फसल प्रभावित हुई है। ऐसे जिलों में बालोद जिला सबसे अधिक प्रभावित है जहां पर प्रदेश में सबसे कम बारिश हुई है। फिलहाल राजस्व विभाग पूरे प्रदेश में बोनी की जानकारी और बारिश की स्थिति की जानकारी लेकर फसल गिरदावरी सर्वे करा रहा है। सर्वे के बाद ही यह समझ में आएगा कि कहा पर कितनी फसल प्रभावित होगी।

कहां कितनी कम हुई बारिश

छत्तीसगढ़ में इस साल कम बारिश हुई है. प्रदेश के 12 जिलों में सूखे के आसार है. प्रदेश में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बालोद में औसत से 36 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं कांकेर जिले में 37 प्रतिशत कम बारिश हुई है। छत्तीसगढ़ के 12 जिले अभी सूखे की स्थिति है, इनमें जशपुर जिले में 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं सरगुजा में 30, रायगढ़ में 29, महासमुंद में 26, रायपुर में 26, गरियाबंद में 21, धमतरी में 23, राजनांदगांव में 23 कम, बीजापुर में 22 और दंतेवाड़ा में 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सरकार स्थिति की समीक्षा कर रही है।