पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अपने भूमिगत मिसाइल नेटवर्क को दोबारा सक्रिय कर दिया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कई सप्ताह तक बंद रहे मिसाइल बंकरों को फिर से खोल लिया गया है, जिससे ईरान की सैन्य क्षमता में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम America Iran War को लेकर बढ़ती आशंकाओं को और मजबूत कर सकता है।
ईरान द्वारा सुरंगों और भूमिगत हथियार भंडारों को दोबारा उपयोग में लाना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वह लंबी अवधि के सैन्य दबाव का सामना करने की तैयारी कर रहा है।
America Iran War में सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली बड़ी पोल
सैटेलाइट इमेजरी से सामने आया है कि ईरान ने कई क्षतिग्रस्त सुरंगों और मिसाइल प्रवेश द्वारों को फिर से चालू कर दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल प्रवेश मार्गों को निशाना बनाकर ईरान की मिसाइल क्षमता को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है।
अमेरिका ने मिसाइल हमले विफल करने का किया दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, कुवैत और बहरीन की ओर दागी गई कई मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया। अमेरिका का दावा है कि उसके सहयोगी देशों की वायु रक्षा प्रणाली ने क्षेत्र में बड़े नुकसान को टाल दिया।
हालांकि इन दावों के बावजूद America Iran War को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है, क्योंकि दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं।
कुवैत और बहरीन में हाई अलर्ट
कुवैत और बहरीन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। कई क्षेत्रों में चेतावनी सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हवाई खतरों की निगरानी कर रही हैं।
ईरान और अमेरिका के अलग-अलग दावे
ईरानी मीडिया का दावा है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की गई। दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि अधिकांश मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दी गईं।
इन विरोधाभासी दावों ने America Iran War को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है। वैश्विक समुदाय अब यह देखने की कोशिश कर रहा है कि आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है।
America Iran War का तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
पश्चिम एशिया दुनिया के प्रमुख ऊर्जा उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। ऐसे में बढ़ते सैन्य तनाव का असर तेल की कीमतों, समुद्री व्यापार मार्गों और वैश्विक निवेश पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि America Iran War की स्थिति और गंभीर होती है, तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
निष्कर्ष
ईरान द्वारा भूमिगत मिसाइल सुविधाओं को फिर सक्रिय करना और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों का दावा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की गंभीर तस्वीर पेश करता है। वहीं अमेरिका का कहना है कि उसने अधिकांश हमलों को विफल कर दिया है। मौजूदा हालात में America Iran War केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।
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