भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने Norway Chess टूर्नामेंट में विश्व चैंपियन डी गुकेश को हराकर अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली है। काले मोहरों से खेलते हुए हासिल की गई यह जीत उनके करियर की महत्वपूर्ण सफलताओं में शामिल मानी जा रही है। इस नतीजे के बाद प्रज्ञानंद अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं और खिताब की दौड़ पूरी तरह खुली हुई है।
गुकेश के खिलाफ क्लासिकल मुकाबले में मिली बड़ी सफलता
Norway Chess के नौवें दौर में प्रज्ञानंद ने बेहद संतुलित और आक्रामक रणनीति अपनाई। विश्व चैंपियन डी गुकेश के खिलाफ उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए पूरे तीन अंक अपने नाम किए। यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे चर्चित मैचों में से एक रहा।
इस जीत ने न सिर्फ प्रज्ञानंद का आत्मविश्वास बढ़ाया है बल्कि उन्हें टूर्नामेंट जीतने की दौड़ में भी मजबूती से बनाए रखा है। भारतीय शतरंज प्रशंसकों के लिए यह परिणाम बेहद उत्साहजनक माना जा रहा है।
अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंचे प्रज्ञानंद
Norway Chess की ताजा अंक तालिका के अनुसार प्रज्ञानंद के 15 अंक हैं। वह अमेरिका के वेस्ली सो से केवल आधा अंक पीछे हैं, जिनके खाते में 15.5 अंक दर्ज हैं। वहीं फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा 14.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।
ऐसे में अंतिम दौर में तीन खिलाड़ियों के बीच खिताब के लिए जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल सकता है। खास बात यह है कि इनमें से कोई भी खिलाड़ी पहले कभी नॉर्वे शतरंज चैंपियन नहीं बना है।
अब विंसेंट कीमर से होगी निर्णायक टक्कर
अंतिम दौर में Norway Chess का रोमांच और बढ़ने वाला है। प्रज्ञानंद का सामना जर्मनी के युवा ग्रैंडमास्टर विंसेंट कीमर से होगा। दूसरी ओर वेस्ली सो और अलीरेजा फिरोजा आमने-सामने होंगे।
इन मुकाबलों के नतीजे ही तय करेंगे कि इस बार प्रतिष्ठित खिताब किसके नाम होगा। भारतीय प्रशंसकों की निगाहें विशेष रूप से प्रज्ञानंद के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।
महिला वर्ग में भी रहा रोमांच
Norway Chess के महिला वर्ग में बिबिसारा असाउबायेवा ने एक दौर शेष रहते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। हालांकि उन्हें अपने मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन कुल अंकों के आधार पर उन्होंने बढ़त बनाए रखी।
वहीं चीन की झू जिनेर दूसरे स्थान पर पहुंच गईं। भारत की दिव्या देशमुख और कोनेरू हम्पी को अपने-अपने मुकाबलों में कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा।
भारतीय शतरंज के लिए ऐतिहासिक मौका
Norway Chess में प्रज्ञानंद का प्रदर्शन भारतीय शतरंज के स्वर्णिम भविष्य की झलक दिखा रहा है। यदि वह अंतिम दौर में जीत दर्ज कर खिताब हासिल कर लेते हैं, तो इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन सकते हैं।
गुकेश पर मिली यह बड़ी जीत पहले ही साबित कर चुकी है कि प्रज्ञानंद दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। अब सभी की नजरें अंतिम दौर और संभावित ऐतिहासिक उपलब्धि पर टिकी हैं।
यह भी पढ़ें – Dalai Lama Grammy Award ग्रहण, धर्मशाला में मिला वैश्विक सम्मान
Indonesia Open 2026: PV Sindhu ने जीता पहला मैच
आईपीएल जीत के बाद अनुष्का शर्मा की पोस्ट वायरल, विराट कोहली संग तस्वीर ने जीता फैंस का दिल
