भारतीय खेल जगत को बड़ा झटका देते हुए दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन हो गया। 49 वर्ष की आयु में उनका दुनिया को अलविदा कहना देश के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। खिलाड़ी और कोच दोनों भूमिकाओं में उन्होंने भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दिलाई। जसपाल राणा निधन की खबर सामने आते ही खेल और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख
जसपाल राणा के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि भारतीय खेल जगत ने एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व को खो दिया है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया खेलों का आइकॉन
राष्ट्रपति ने कहा कि जसपाल राणा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
पीएम मोदी ने कहा- देश के लिए बड़ी क्षति
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि जसपाल राणा निधन भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने खिलाड़ियों को तैयार करने और शूटिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
खिलाड़ी से कोच तक का शानदार सफर
जसपाल राणा ने अपने करियर में कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए पदक जीते। एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में उनका प्रदर्शन हमेशा याद किया जाएगा।
द्रोणाचार्य पुरस्कार से हुए सम्मानित
युवा निशानेबाजों को तैयार करने में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया था। यह सम्मान उनके कोचिंग करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
नेताओं और खेल हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
भारतीय शूटिंग में हमेशा याद रहेगा योगदान
नेताओं ने अपने संदेशों में कहा कि जसपाल राणा निधन केवल एक खिलाड़ी की विदाई नहीं, बल्कि भारतीय शूटिंग के एक युग का अंत है। उनकी उपलब्धियां और मार्गदर्शन आने वाले वर्षों तक खिलाड़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
युवा खिलाड़ियों के लिए थे प्रेरणास्रोत
जसपाल राणा को सिर्फ एक सफल निशानेबाज के रूप में नहीं, बल्कि एक आदर्श गुरु के रूप में भी जाना जाता था। उनके मार्गदर्शन में कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की।
अनुशासन और समर्पण की मिसाल
उनका जीवन संघर्ष, अनुशासन और देशभक्ति का उदाहरण रहा। यही वजह है कि खेल जगत में उन्हें बेहद सम्मान के साथ याद किया जाता है।
निष्कर्ष
जसपाल राणा निधन की खबर ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। भारतीय निशानेबाजी में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा। खिलाड़ी, कोच और मार्गदर्शक के रूप में उन्होंने जो विरासत छोड़ी है, वह आने वाली पीढ़ियों को लगातार प्रेरित करती रहेगी।
यह भी पढ़ें – मैं वापस आऊंगा फिल्म की जोया अख्तर ने की जमकर तारीफ
सिक्किम बॉर्डर यात्रा के बाद भूमि पेडनेकर ने जताया आभार
Shraddha Kapoor Viral Video, Crowd Situation को Gracefully Handle किया
