विद्यार्थियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गरियाबंद जिले में विशेष स्कूल बस सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने विभिन्न स्कूल वाहनों की जांच कर सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया।
स्कूल बसों के दस्तावेजों की हुई जांच
अभियान के दौरान पंजीकृत 75 स्कूल बसों में से 30 बसों का निरीक्षण किया गया। स्कूल बस सुरक्षा जांच के तहत फिटनेस प्रमाण-पत्र, बीमा, टैक्स, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और परमिट जैसे आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि विद्यार्थियों के परिवहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण
संयुक्त अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बस चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। प्रशासन का मानना है कि सुरक्षित यात्रा के लिए वाहन चालकों का स्वस्थ और सतर्क होना जरूरी है। इसी उद्देश्य से स्कूल बस सुरक्षा जांच में स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को भी शामिल किया गया।
अग्निशमन यंत्रों और सुरक्षा उपकरणों की पड़ताल
जिला सेनानी कार्यालय की टीम ने बसों में लगे अग्निशमन यंत्रों की कार्यक्षमता की जांच की। चालक और परिचालकों को आपातकालीन स्थिति में उपकरणों के उपयोग और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी दी गई। इससे सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया।
45 संचालकों को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान 45 स्कूल बसें जांच स्थल पर उपस्थित नहीं मिलीं। इस पर प्रशासन ने संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने कहा कि स्कूल बस सुरक्षा जांच अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा से नहीं होगा समझौता
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूल वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। स्कूल बस सुरक्षा जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी वाहन निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हों और विद्यार्थियों को सुरक्षित व भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सके।
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