Dr Raman Singh

भाटापारा शहर को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहचान तब मिली जब विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

भाटापारा में हुआ भव्य आयोजन

एक दिवसीय प्रवास पर पहुंचे डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी चौक से की। यहां उन्होंने नई स्थापित प्रतिमा का अनावरण कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

पारंपरिक विधि-विधान से हुई पूजा

अनावरण के बाद छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना संपन्न हुई। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा नया आयाम

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी राज्य की अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने में ऐसी पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

युवाओं को मिलेगा प्रेरणादायी संदेश

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है, जो युवाओं को अपनी विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा देगी।

शहीद को भी दी गई श्रद्धांजलि

प्रवास के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने 1971 के भारत-पाक युद्ध के वीर सपूत फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने शहीद के योगदान को याद करते हुए राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।

परिवारजनों से की मुलाकात

डॉ. सिंह ने शहीद के परिजनों से भेंट कर उनका हालचाल जाना और उनके त्याग को नमन किया।

कई प्रमुख जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, अनुराग सिंहदेव, केदारनाथ गुप्ता और कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों की रही सहभागिता

स्थानीय प्रशासन की ओर से कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा तथा अन्य अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। सभी ने छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा के अनावरण को ऐतिहासिक क्षण बताया।

क्षेत्र के विकास और गौरव का प्रतीक

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पहल से भाटापारा की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी। आने वाले समय में यह स्थान नागरिकों और युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा संरक्षण

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा जैसी पहलें स्थानीय इतिहास और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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