दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को बड़ी संख्या में छात्र और युवा जुटे। प्रदर्शन का उद्देश्य भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रही परीक्षा अनियमितता युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही है।
पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग
छात्र हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर पहुंचे। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने कहा कि परीक्षा अनियमितता के मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
थाली-चम्मच बजाकर जताया विरोध
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अनोखे तरीके से अपनी बात रखी। संगठन के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग थाली और चम्मच लेकर पहुंचे। उन्होंने इन्हें बजाकर विरोध दर्ज कराया और परीक्षा प्रबंधन में सुधार की मांग की।
छात्रों की समस्याओं को लेकर मुखर हुए आयोजक
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका मकसद छात्रों की आवाज को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि परीक्षा अनियमितता से जुड़े मामलों का समाधान समय की मांग है। साथ ही युवाओं के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री को भेजा गया खुला पत्र
प्रदर्शन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र भी भेजा गया। पत्र में परीक्षा प्रणाली से जुड़े विवादों पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई। इसके अलावा छात्रों के लिए निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पेपर लीक और देरी से बढ़ी चिंता
छात्रों का कहना है कि कई भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाएं विवादों में घिरी रही हैं। कभी पेपर लीक तो कभी परिणामों में देरी ने उम्मीदवारों की चिंता बढ़ाई है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, परीक्षा अनियमितता के कारण लाखों युवाओं के करियर पर असर पड़ रहा है।
क्या चाहते हैं छात्र?
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग की। उनका कहना था कि तकनीकी और प्रशासनिक खामियों को दूर किया जाए। साथ ही परीक्षा अनियमितता से जुड़े मामलों की समयबद्ध जांच कर दोषियों को सजा दी जाए।
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